क्या किसी अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग रैकेट से जुड़े हैं एक्ट्रेस रन्या राव के तार? अब CBI करेगी जांच

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीमें मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर तैनात की गई हैं ताकि इस तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके. इस मामले में घरेलू एजेंटों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों के बीच कनेक्शन को उजागर करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि यह नेटवर्क अत्याधुनिक तरीकों से काम कर रहा था और इसमें बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की गई थी.

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रन्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में अब जांच करेगी CBI रन्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में अब जांच करेगी CBI

मुनीष पांडे

  • बेंगलुरु,
  • 08 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 1:40 PM IST

कन्नड़ फिल्म एक्ट्रेस रन्या राव की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अंतरराष्ट्रीय सोने की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है. रन्या राव को डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने 4 मार्च 2025 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था. वह दुबई से 14.8 किलोग्राम सोना तस्करी कर लाने की कोशिश कर रही थीं. इस सोने की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है.

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सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीमें मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर तैनात की गई हैं ताकि इस तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके. इस मामले में घरेलू एजेंटों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों के बीच कनेक्शन को उजागर करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि यह नेटवर्क अत्याधुनिक तरीकों से काम कर रहा था और इसमें बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की गई थी.

एक साल में 30 बार दुबई गईं रन्या राव

जांच में सामने आया है कि रन्या राव पिछले एक साल में लगभग 30 बार दुबई गई थीं और हर बार वे सोने की तस्करी में शामिल थीं. डीआरआई की कार्रवाई के दौरान उनके पास से 12.56 करोड़ रुपये की कीमत के सोने के बिस्किट बरामद किए गए. इसके अलावा, उनके घर की तलाशी में 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए, जिससे कुल जब्ती की राशि 17.29 करोड़ रुपये हो गई.

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अंतरराष्ट्रीय तस्करों का भंडाफोड़ करेगी सीबीआई

रन्या राव की गिरफ्तारी के बाद मामला और गंभीर हो गया है क्योंकि वह कर्नाटक स्टेट पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के डीजीपी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस तस्करी में किसी कानूनी अधिकारी या उनके परिवार की संलिप्तता थी.

सूत्रों का कहना है कि जांच में सीबीआई के जुड़ने से अधिकारियों को इस रैकेट में शामिल अंतरराष्ट्रीय तस्करों का पता लगाने में मदद मिलेगी. मुख्य हवाई अड्डों पर जांच दलों को तैनात कर तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति बनाई जा रही है. इस मामले को 2020 के केरल गोल्ड स्मगलिंग कांड से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें राजनयिक चैनलों का दुरुपयोग कर सोने की तस्करी की गई थी और कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी.

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