50 स्टाफ मेंबर, तौलिए-अंडरवियर खरीदने की ड्यूटी... BSNL अफसर के ‘रॉयल प्रोटोकॉल’ में क्या-क्या था

BSNL के एक वरिष्ठ अधिकारी के प्रयागराज दौरे के लिए 50 कर्मचारियों की ड्यूटी और विस्तृत VIP प्रोटोकॉल का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. स्नान किट से लेकर आतिथ्य तक की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे. विवाद बढ़ने के बाद दौरा रद्द कर दिया गया.

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विवाद बढ़ने के बाद बीएसएनएल के अधिकारी विवेक बंजल का प्रयागराज दौरा रद्द किया गया (Photo-ITG) विवाद बढ़ने के बाद बीएसएनएल के अधिकारी विवेक बंजल का प्रयागराज दौरा रद्द किया गया (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) के एक शीर्ष अधिकारी के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे को लेकर बना विस्तृत प्रोटोकॉल सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवादों में आ गया.

डिप्टी जनरल मैनेजर स्तर से जारी आदेश में 50 कर्मचारियों को दो दिनों में 21 अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. इनमें रेलवे स्टेशन पर स्वागत से लेकर नाव की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, त्रिवेणी संगम स्नान, स्नान किट (तौलिया, अंडरगारमेंट्स, तेल, कंघी), कपड़ों की तैयारी, फोटो क्लिकिंग और गाड़ियों में पानी-बोतल, चिप्स-चॉकलेट जैसे इंतजाम शामिल थे.

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19 फरवरी को जारी आधिकारिक पत्र में पूरे दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार किया गया था. स्नान के बाद इस्तेमाल की वस्तुओं की पैकिंग और प्रबंधन तक के निर्देश दिए गए थे. 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग टीमों में बांटकर आतिथ्य, परिवहन और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

मिनट-टू-मिनट प्लान बना मुसीबत

इस प्रोटोकॉल में बेहद बारीक और विस्तृत तैयारियों का खाका तैयार किया गया था. कार्यक्रम की शुरुआत प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर औपचारिक स्वागत से प्रस्तावित थी, जिसके बाद पवित्र स्नान, प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन, भोजन, आवागमन और व्यक्तिगत सुविधाओं तक की विशेष व्यवस्थाएं तय की गई थीं.

इतना ही नहीं, स्नान के बाद इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं जैसे- तौलिए, अंडरवियर और अन्य निजी सामान-के समुचित रखरखाव और लेखा-जोखा सुनिश्चित करने के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे.

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अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया था कि वे त्रिवेणी संगम और आसपास के मंदिरों की प्रस्तावित यात्रा सहित पूरी यात्रा के दौरान कई स्नान किट, जलपान और एस्कॉर्ट सेवाओं की व्यवस्था करें.

लिस्ट वायरल होते ही मचा बवाल

दस्तावेज वायरल होते ही “वीआईपी संस्कृति” और सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग पर सवाल उठने लगे. आपको जानकर हैरानी होगी की कंपनी को पिछले तिमाही में 1300 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है.

विवाद बढ़ने के बाद प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया. BSNL के जनसंपर्क अधिकारी ने कार्यक्रम निरस्त होने की पुष्टि की, हालांकि व्यवस्थाओं को लेकर टिप्पणी से परहेज किया गया.
 

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