भारतीय सेना ने बदले अंग्रेजों के दिए नाम, 246 सड़कों-भवनों और स्थानों को मिली हिन्दुस्तानी पहचान

भारतीय सेना ने देशभर की छावनियों और सैन्य संस्थानों में अंग्रेजों के दिए 246 सड़कों, इमारतों और जगहों के नाम बदल दिए हैं. नए नाम भारत के वीर सैनिकों, युद्ध नायकों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को समर्पित हैं.

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भारतीय सेना ने देशभर की छावनियों में ब्रिटिशकाल के 246 नामों को बदल दिया है. (File Photo: PTI) भारतीय सेना ने देशभर की छावनियों में ब्रिटिशकाल के 246 नामों को बदल दिया है. (File Photo: PTI)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:48 AM IST

भारतीय सेना ने गुलामी के कालखंड से जुड़े प्रतीकों को हटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर की छावनियों और सैन्य संस्थानों में ब्रिटिश दौर के 246 नाम बदल दिए हैं. रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला भारत के सैन्य नायकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं और विशिष्ट सैन्य नेतृत्व को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है.

इस नामकरण प्रक्रिया के तहत 124 सड़कों, 77 आवासीय कॉलोनियों, 27 इमारतों व सैन्य सुविधाओं और 18 अन्य संपत्तियों- जैसे पार्क, ट्रेनिंग जोन, खेल मैदान, गेट और हेलिपैड के नाम बदले गए हैं. दिल्ली कैंट में किर्बी प्लेस को अब केनुगुरुसे विहार और मॉल रोड को अरुण खेतरपाल मार्ग नाम दिया गया है. अंबाला कैंट की पैटरसन रोड क्वार्टर्स अब धन सिंह थापा एन्क्लेव कहलाएगी.

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इसी तरह मथुरा कैंट में न्यू हॉर्न लाइन का नाम बदलकर वीर अब्दुल हमीद लाइंस किया गया है, जबकि जयपुर कैंट की क्वीन्स लाइन रोड अब सुंदर सिंह मार्ग होगी. बरेली कैंट की न्यू बर्डवुड लाइन को थिमैया कॉलोनी, और महू कैंट की मैल्कम लाइंस को पीरू सिंह लाइंस नाम दिया गया है. देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में कॉलिन्स ब्लॉक का नाम नुब्रा ब्लॉक और किंग्सवे ब्लॉक का नाम कारगिल ब्लॉक रखा गया है.

यह भी पढ़ें: ब्रह्मोस की रेंज बढ़ रही, तीनों सेनाओं के लिए नई हाइपरसोनिक मिसाइलों की पूरी रेंज... DRDO चीफ का खुलासा

इसके अलावा, रंगापहाड़ मिलिट्री स्टेशन के खेल परिसर का नाम लशराम ज्योतिन सिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और जाखामा मिलिट्री स्टेशन की स्पीयर लेक रोड का नाम हंगपन दादा मार्ग किया गया है. यह पहल वर्ष 2021 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा प्रस्तावित की गई थी. उन्होंने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों से ब्रिटिश क्राउन के प्रति निष्ठा रखने वाले अधिकारियों से जुड़े नामों को हटाकर भारतीय वीर सैनिकों और राष्ट्र निर्माताओं के नाम पर रखने की बात कही थी.

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साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि जिन ब्रिटिश अधिकारियों का स्थानीय समाज में सकारात्मक योगदान रहा है, उनके नाम सम्मानपूर्वक बनाए रखे जाएंगे. इससे पहले वर्ष 2024 में भी सेना ने कोलकाता स्थित पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम का नाम बदलकर विजय दुर्ग किया था. इसके तहत जॉर्ज गेट को शिवाजी द्वार, किचनर हाउस को फील्ड मार्शल मानेकशॉ भवन, डालहौजी बैरक को नेताजी बैरक, और रसेल ब्लॉक को स्वतंत्रता सेनानी बाघा जतिन के नाम पर रखा गया था.

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