'गोधरा के बाद मैं मोदी का आलोचक था लेकिन गुजरात जाकर मैंने देखा...', बोले बिहार गवर्नर आरिफ खान

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि गोधरा कांड के बाद 2002 में वह नरेंद्र मोदी के आलोचक थे. लेकिन गुजरात में चार महीने बिताकर और विभिन्न समुदायों से बातचीत करने के बाद उनकी राय बदल गई. उन्हें कहा कि नरेंद्र मोदी को अनुचित तरीके से बदनाम किया गया.

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आरिफ खान ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में पत्रकार-लेखक आलोक मेहता की किताब का लोकार्पण किया. (File Photo: ITG) आरिफ खान ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में पत्रकार-लेखक आलोक मेहता की किताब का लोकार्पण किया. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को कहा कि 2002 के गोधरा कांड के बाद हुई घटनाओं के दौरान वे उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के आलोचक थे, लेकिन लोगों से बातचीत करने के बाद उनकी राय बदल गई. आरिफ खान नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में पत्रकार-लेखक आलोक मेहता की किताब Revolutionary Raj: Narendra Modi's 25 Years के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे.

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उन्होंने कहा कि अगर गोधरा कांड के बाद उन्होंने गुजरात में चार महीने नहीं बिताए होते, तो नरेंद्र मोदी को लेकर उनकी राय शायद नहीं बदलती. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, '2002 में गोधरा कांड के बाद हुई घटनाओं के समय मैं नरेंद्र मोदी का आलोचक था. मैंने पहले भी कहा है कि अगर उन घटनाओं के बाद मैंने गुजरात में चार महीने से अधिक समय नहीं बिताया होता और विभिन्न समुदायों के लोगों से बातचीत नहीं की होती, तो संभव है कि मेरी सोच वही बनी रहती.'

'वो सबसे ज्यादा गलत समझे जाने वाले व्यक्ति हैं'

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि नरेंद्र मोदी को बेहद अनुचित तरीके से बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, 'वह सबसे ज्यादा गलत समझे जाने वाले व्यक्ति हैं, जिन्हें बहुत अन्यायपूर्ण ढंग से बदनाम किया गया. चार महीने बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मेरी राय पूरी तरह बदल गई और मैंने अपने विचार दूसरों से साझा करने शुरू किए. वह निस्संदेह दृढ़ संकल्प और मजबूत इरादों वाले व्यक्ति हैं, जो कभी जल्दबाजी में नजर नहीं आते. ऐसा लगता है कि वह कभी आराम नहीं करते और जिस लक्ष्य को तय कर लेते हैं, उसे पूरा करने में लगातार लगे रहते हैं.'

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'50 साल बाद भी दुनिया याद रखेगी'

यह किताब, जिसकी प्रस्तावना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखी है, पिछले 25 वर्षों में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री से भारत के प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को विस्तार से बताती है. आरिफ मोहम्मद खान ने प्रधानमंत्री को मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 का श्रेय भी दिया, जिसके तहत भारत में तीन तलाक की प्रथा को अपराध घोषित किया गया. 

उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है और भरोसा है कि 50 साल बाद देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोग भी यह मानेंगे कि नरेंद्र मोदी ने कितना महत्वपूर्ण काम किया है, क्योंकि दुनिया के अधिकांश हिस्सों में तीन तलाक को वैध नहीं माना जाता, जबकि भारत में इसे 2019 में पहली बार कानूनन अपराध बनाया गया.'

लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन. के. सिंह और पूर्व मंत्री के. जे. अल्फोंस सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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