वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन, स्कीइंग के वक्त हुआ था हादसा

बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन हो गया है. बेटे के असमय निधन ने परिवार की उम्मीदों को गहरे शोक में बदल दिया. अमेरिका में स्कीइंग हादसे के बाद इलाज के दौरान उनको कार्डिक अरेस्ट आया था.

Advertisement
अनिल अग्रवाल ने बेटे अग्निवेश के साथ की ये पुरानी तस्वीर शेयर की (फोटो- FB/Anil Agarwal) अनिल अग्रवाल ने बेटे अग्निवेश के साथ की ये पुरानी तस्वीर शेयर की (फोटो- FB/Anil Agarwal)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:25 PM IST

उद्योगपति अनिल अग्रवाल पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया. वह सिर्फ 49 वर्ष के थे. इस खबर ने न सिर्फ अग्रवाल परिवार को, बल्कि उनसे जुड़े हर व्यक्ति को गहरे शोक में डुबो दिया है.

अनिल अग्रवाल ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की. उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बताया. साथ ही लिखा कि एक बेटे को पिता से पहले इस तरह दुनिया छोड़कर नहीं जाना चाहिए.

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कीइंग करने गए थे. वहां अग्निवेश हादसे का शिकार हो गए. इलाज के लिए उनको न्यू यॉर्क के Mount Sinai Hospital में भर्ती करवाया गया था. परिवार को उम्मीद थी कि सब ठीक होगा. लेकिन तब ही अग्निवेश को कार्डिक अरेस्ट हो गया, जिसमें उनका निधन हो गया.

अनिल अग्रवाल के परिवार में कौन-कौन

49 साल के अग्निवेश अग्रवाल वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के बोर्ड का हिस्सा थे. अनिल अग्रवाल के दो ही बच्चे थे — दिवंगत बेटे अग्निवेश और बेटी प्रिया. प्रिया वेदांता के बोर्ड में शामिल हैं और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभा रही हैं.

अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था. उन्होंने Mayo College, Ajmer में पढ़ाई की थी. उन्हें बॉक्सिंग और घुड़सवारी का शौक था. उन्होंने Fujeirah Gold कंपनी को खड़ा किया था. और वो Hindustan Zinc के चेयरमैन भी थे.

Advertisement

बेटे के निधन की जानकारी देते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा, 'मैंने अग्निवेश से वादा किया था हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगाएंगे. आज फिर वो वादा दोहराता हूं. अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा. और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा.'

अपनी पोस्ट के आखिर में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन ने लिखा, 'समझ नहीं आता, तुम्हारे बिना अब ज़िन्दगी कैसे कटेगी बेटा. तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement