...जब अस्पताल में कैंडल-मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में हुई महिला की डिलीवरी

आंध्र प्रदेश में बड़ा बिजली संकट देखने को मिल रहा है. अस्पतालों में भी बिजली नहीं मिल पा रही है. इस वजह से अस्पतालों के मेटरनिटी वॉर्ड में डॉक्टरों की चुनौती कई गुना बढ़ गई है.

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फोन की रोशनी में बच्चे की डिलीवरी फोन की रोशनी में बच्चे की डिलीवरी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST
  • TDP का आरोप- सरकार ने अंधेरे में धकेला
  • राज्य सरकार ने 50% इंडस्ट्रियल पावर कट किया

आंध्र प्रदेश में जबरदस्त बिजली संकट देखने को मिल रहा है. हालात इतने खराब हैं कि अस्पतालों में भी रात-रात बिजली नहीं आ रही है. ऐसी स्थिति में अब मैटरनिटी वॉर्ड में डॉक्टरों की चुनौती कई गुना बढ़ गई है. उन्हें बिना लाइट के फोन और कैंडल की रोशनी में बच्चों की डिलीवरी करवानी पड़ रही है.

ऐसा ही एक मामला NTR सरकारी अस्पताल से सामने आया है जहां पर डॉक्टरों को फोन और कैंडल की रोशनी में बच्चे की डिलीवरी करवानी पड़ी है. इसके अलावा P.G. Jangareddygudem Area Hospital में भी पूरी रात बिजली नहीं रहने से मरीजों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ा है.  अस्पताल के प्रशासन ने बताया है कि जनरेटर में डीजल नहीं होने की वजह से बिजली सप्लाई को दुरुस्त नहीं किया जा सका. इस वजह से मरीजों को पूरी रात अंधेरे में काटनी पड़ी.

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सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जहां बिजली ना होने की वजह से अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन खासा परेशानी का सामना कर रहे हैं. एक महिला जो गर्भवती थीं और बच्चे को जन्म देने वाली थीं, उन्होंने बताया कि अस्पताल में जब दो घंटे तक बिजली नहीं थी, तो वहां मौजूद स्टाफ से इस बारे में पूछा गया. जवाब ये दे दिया कि कैंडल लेकर आएं. अब आप बताएं देर रात हमे कौन कैंडल लाकर देगा, कहां से हम इंतजाम करेंगे.

वैसे इस बिजली संकट से सिर्फ मरीज और उनके परिजन परेशान नहीं हैं, डॉक्टर भी चिंता में आए गए हैं. द हिंदू से बात करते हुए डॉक्टर डेविड ने बताया कि हम कैंडल, सेलफोन और टॉर्च लाइट में बच्चे की डिलीवरी करने को मजबूर थे. भगवान का शुक्र रहा कि वो एक नॉर्मल डिलीवरी थी.

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अब राज्य सरकार दावा कर रही है कि उसकी तरफ से स्थिति जल्द दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार ने 50% इंडस्ट्रियल पावर कट भी कर रखा है. लेकिन फिर भी क्योंकि डिमांड काफी ज्यादा बढ़ चुकी है, ऐसे में रोज पांच लाख यूनिट कम पड़ रही है और इसका नुकसान उन अस्पतालों में हो रहा है जहां पर मरीज इलाज के बीच अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए हैं.

विपक्ष ने इस बिजली संकट को एक बड़ा मुद्दा बना लिया है. पूर्व सीएम और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने रेड्डी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उनका कहना है कि एक ऐसा राज्य जिसने कभी बिजली संकट नहीं देखा था, उसे अब अंधेरे में धेकल दिया गया है. चंद्रबाबू नायडू ने तल्ख अंदाज में कहा है कि सीएम को उन गर्भवती महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए जो अस्पतालों में काफी असुविधा का सामना कर रही हैं. ये भी आरोप लगा दिया गया है कि लोगों द्वारा भारी बिजली बिलों का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन फिर भी राज्य सरकार लगातार पावर कट कर रही है जिससे राज्य की स्थिति चिंताजनक बन गई है.

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