अमृतपाल ने गांव में बना रखी थी फायरिंग रेंज, हथियार चलाना सीख रहे उसके समर्थक, सामने आया वीडियो

खालिस्तानी विचारधारा के समर्थक अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए बीते शनिवार से पंजाब पुलिस ऑपरेशन चला रही है. अब तक उसके 207 समर्थकों को हिरासत में लिया जा चुका है. कुछ लोगों को एनएसए के तहत हिरासत में रखा गया है. अमृतपाल सिंह पर भी एनएसए लगाया जा चुका है.

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अमृतपाल सिंह की आर्मी आनंदपुर खालसा फोर्स  अमृतपाल सिंह की आर्मी आनंदपुर खालसा फोर्स

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 9:14 AM IST

'वारिस पंजाब दे' संगठन के मुखिया अमृतपाल सिंह के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन को छह दिन बीत चुके हैं. लेकिन अब तक वो पुलिस की पकड़ से दूर है. सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तैयार किए गए डोजियर में सामने आया था कि अमृतपाल आनंदपुर खालसा फोर्स (एकेएफ) नाम से अपनी आर्मी तैयार कर रहा है. लेकिन अब एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जो इस दावे को पुख्ता साबित करता है. 

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अब जो वीडियो सामने आया है, उसमें दिख रहा है कि कुछ लोग बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं. ये दिखाता है कि अमृतपाल ने कथित तौर पर अपने गांव जल्लूपुरा खेड़ा में ही फायरिंग रेंज बना रखी थी, जहां वो युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा था.

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे युवा बंदूक चलाने के बाद खुशी से झूम रहे हैं. इसका मतलब ये हुआ कि शायद इन युवाओं को ये भी नहीं पता कि उन्हें किसके खिलाफ हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. 

खालिस्तानी विचारधारा के समर्थक अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए बीते शनिवार से पंजाब पुलिस ऑपरेशन चला रही है. अब तक 207 समर्थकों को हिरासत में लिया जा चुका है. इसमें उसके चाचा और ड्राइवर भी शामिल हैं. कुछ लोगों कोरा्ष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में रखा गया है. अमृतपाल सिंह पर भी एनएसए लगाया जा चुका है. एनएसए असल में बेहद सख्त कानून माना जाता है, जिसके तहत पुलिस किसी संदिग्ध को 12 महीने तक हिरासत में रख सकती है. 

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दरअसल अमृतपाल और उसके समर्थकों ने बीती 23 फरवरी को अजनाला पुलिस थाने पर धावा बोल दिया था. उसके समर्थकों ने लाठी, डंडे और तलवार से पुलिस पर हमला किया था. इसी मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर 18 मार्च से अमृतपाल के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया था. सात जिलों की 50 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियां इस ऑपरेशन में लगी थी. उसके बावजूद अमृतपाल भागने में कामयाब हो गया. 

भारत के खिलाफ क्या-क्या साजिश रच रहा था अमृतपाल?

- अमृतपाल भारत के खिलाफ खतरनाक साजिश रच रहा था. खुफिया एजेंसियों के डोजियर में सामने आया है कि अमृतपाल नशामुक्ति केंद्रों और गुरुद्वारों का इस्तेमाल हथियार जमा करने और युवाओं को आत्मघाती हमले के लिए तैयार करने में कर रहा था.

- अलग-अलग एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर तैयार इस डोजियर में दावा किया गया है कि अमृतपाल आईएसआई और विदेशों में बैठे खालिस्तानी समर्थकों के इशारे पर काम कर रहा था. वो युवाओं को 'खड़कूस' यानी मानव बम बनाने के लिए उकसा रहा था.

कहां हो सकता है अमृतपाल?

अमृतपाल की तलाश में पंजाब पुलिस जगह-जगह सर्च ऑपरेशन चला रही है. लेकिन अब तक वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है. माना जा रहा है कि अमृतपाल अपने गुर्गों की मदद से पंजाब छोड़कर किसी और राज्य में छिपा हो सकता है. उसके देश छोड़ने की भी आशंका जताई जा रही है. इसके साथ ही उसके आईएसआई के संपर्क में होने की भी बात कही जा रही है. 

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ऐसे में हम अमृतपाल के उन सात संभावित ठिकानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां वह छिपा हो सकता है. सबसे पहले उसके जालंधर में छिपे होने की संभावना जताई जा रही है. दरअसल अमृतपाल को आखिरी बार जालंधर में ही देखा गया था. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यहां खालिस्तानी नेटवर्क उसकी मदद कर रहा है. 

अमृतपाल के हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड या महाराष्ट्र में से किसी राज्य में छिपे होने की भी संभावना जताई जा रही है.  माना ये भी जा रहा है कि वह सड़क के रास्ते नेपाल भी जा सकता है. 

अमृतपाल को क्यों पकड़ रही है पुलिस?

- पिछले महीने 23 फरवरी को अमृतपाल और उसके संगठन वारिस पंजाब दे से जुड़े लोगों ने अजनाला पुलिस थाने पर हमला कर दिया था.

- अमृतपाल और उसके समर्थकों के हाथ में तलवार, लाठी-डंडे थे. ये पूरा बवाल आठ घंटे तक चला था. ये बवाल अमृतपाल के समर्थक लवप्रीत तूफान की रिहाई को मांग को लेकर हुआ था.

- लवप्रीत तूफान को पुलिस ने बरिंदर सिंह नाम के शख्स को अगवा और मारपीट करने के आरोप में हिरासत में लिया था. हालांकि, बवाल के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया था.

- 23 फरवरी की इसी घटना के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था. पुलिस ने बताया कि अमृतपाल तो भाग गया, लेकिन उसके काफिले में शामिल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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