अमेजॉन एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 27 जनवरी से नई छंटनी शुरू कर सकती है जिसमें दुनिया भर में करीब 16 हजार कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. इस बार भारत में काम कर रही टीमों पर असर ज्यादा पड़ने की संभावना जताई जा रही है. अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) और प्राइम वीडियो जैसे अहम डिवीजन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.
बताया जा रहा है कि यह छंटनी अमेजॉन के बड़े री-स्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है. इस योजना के तहत 2026 के मध्य तक करीब 30 हजार कॉरपोरेट पद खत्म किए जा सकते हैं. खास बात यह है कि इस दौर की छंटनी पहले के मुकाबले ज्यादा देशों में असर डालेगी और भारत की टीमें इसमें खास तौर पर निशाने पर हो सकती हैं.
कई मीडिया रिपोर्ट्स और कर्मचारियों की ऑनलाइन बातचीत के मुताबिक अमेजॉन आने वाले दिनों में नौकरी कटौती की घोषणा कर सकता है. Blind और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कर्मचारियों के बीच इसको लेकर काफी चर्चा चल रही है. बताया जा रहा है कि AWS, प्राइम वीडियो और दूसरे कॉरपोरेट विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों पर खतरा ज्यादा है.
अमेजॉन ने अपने इस री-स्ट्रक्चरिंग की शुरुआत 2025 के आखिर में की थी. अक्टूबर में कंपनी ने करीब 14 हजार व्हाइट-कॉलर यानी ऑफिस से जुड़े पदों को खत्म किया था. अब माना जा रहा है कि यह दूसरा चरण है, जिसमें और 16 हजार नौकरियां जा सकती हैं.
क्या 30 हजार तक पहुंच जाएगी छंटनी?
2025 के अंत में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेजॉन करीब 30 हजार कॉरपोरेट नौकरियों में कटौती की योजना बना रहा है. बाद में कंपनी ने 14 हजार पद खत्म करने की पुष्टि भी की. अब अगर नया दौर शुरू होता है, तो कुल छंटनी का आंकड़ा 30 हजार के करीब पहुंच सकता है.
यह संख्या 2022 और 2023 में हुई 27 हजार छंटनियों से भी ज्यादा होगी. हालांकि अमेजॉन के पास दुनियाभर में करीब 15.7 लाख कर्मचारी हैं, लेकिन इस कटौती का फोकस मुख्य रूप से कॉरपोरेट यानी मैनेजमेंट और सपोर्ट रोल्स पर ही है, जिनकी संख्या करीब 3.5 लाख है.
किन विभागों पर असर पड़ेगा?
इस बार की छंटनी में AWS, प्राइम वीडियो, रिटेल ऑपरेशंस और पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी (PXT) यानी अमेजॉन के एचआर डिवीज़न पर असर पड़ सकता है. भारत में बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों में काम कर रही कॉरपोरेट टीमें ज्यादा जोखिम में बताई जा रही हैं.
कब से शुरू हो सकती है छंटनी?
कर्मचारियों के मुताबिक, 27 जनवरी वाले हफ्ते की शुरुआत में ही छंटनी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. Reddit, Blind और LinkedIn पर कई कर्मचारियों ने दावा किया है कि मैनेजर्स ने उन्हें इशारों-इशारों में कटौती के संकेत दिए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि जो कर्मचारी पहले से परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान यानी PIP पर हैं, उन्हें पहले जानकारी दी जा सकती है.
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में 1,000 से 2,000 कर्मचारियों को पहले ही WARN नोटिस भेजे जा चुके हैं. अमेरिकी कानून के तहत बड़ी छंटनी से पहले ऐसा नोटिस देना जरूरी होता है, हालांकि अमेजॉन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है.
छंटनी की वजह क्या है?
अमेजॉन का कहना है कि यह कदम खर्च बचाने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के ढांचे में बदलाव के लिए उठाया जा रहा है. सीईओ एंडी जैसी पहले भी कह चुके हैं कि यह फैसला न तो पैसों की वजह से है और न ही सीधे तौर पर AI की वजह से.
उनका कहना है कि कंपनी में जरूरत से ज्यादा मैनेजमेंट लेयर बन गई हैं, जिससे फैसले लेने में देरी होती है और काम की रफ्तार धीमी पड़ती है. इसी वजह से अमेजॉन अब बीच की मैनेजमेंट लेयर और एडमिन से जुड़े रोल्स कम कर रहा है.
हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी इस बदलाव की बड़ी वजहों में शामिल है. अमेजॉन HR, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कस्टमर सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में तेजी से ऑटोमेशन बढ़ा रहा है. इसी के साथ ऐसे रोल्स घटाए जा रहे हैं जो सीधे प्रोडक्ट या सर्विस बनाने से नहीं जुड़े हैं.
aajtak.in