'खा लयी सल्फास तुहाड्डे यार ने...', 12 सेकंड के वीडियो से पंजाब में सियासी तूफान, CBI जांच की मांग पर अड़े पीड़ित, CM बोले- नहीं होगी

पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे लालजीत सिंह भुल्लर को एक सरकारी अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. गगनदीप सिंह रंधावा की मौत से पहले बनाए गए 12 सेकंड के वीडियो ने इस पूरे मामले को एक हाई-प्रोफाइल आपराधिक केस में बदल दिया है.

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मृतक अफसर का परिवार CBI जांच की मांग पर अड़ा है.(Photo:PTI) मृतक अफसर का परिवार CBI जांच की मांग पर अड़ा है.(Photo:PTI)

असीम बस्सी

  • चंडीगढ़,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:45 PM IST

"खा लयी सल्फास तुहाड्डे यार ने... मंत्री लालजीत भुल्लर की वजह से... अब मैं नहीं बचूंगा."  ये शब्द हैं पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा के, जिन्होंने अमृतसर में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली. 

उन्होंने 21 मार्च को 12 सेकंड के एक वीडियो में ये शब्द रिकॉर्ड किए थे, जिससे पंजाब में सियासी तूफान खड़ा हो गया. भगवंत मान कैबिनेट से बर्खास्त और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लालजीत सिंह भुल्लर को मंगलवार देर शाम अमृतसर कोर्ट में पेश किया गया और 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

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हालांकि पुलिस ने सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड दी. पुलिस ने कोर्ट में बताया कि उन्हें मामले से जुड़े बाकी आरोपियों को गिरफ़्तार करना है और संबंधित CCTV फुटेज भी जब्त करना है.

तरन तारन जिले की पट्टी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले लालजीत सिंह भुल्लर को सोमवार को मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ़्तार किया गया. यह गिरफ्तारी तब हुई जब अधिकारी के परिवार ने जोरदार सियासी हंगामा खड़ा किया और आरोप लगाया कि सरकार पूर्व मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है.

पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है.(Photo:PTI)

अधिकारी को 'परेशानी' का सामना करना पड़ा, आत्महत्या से पहले कई लोगों को बताया था, अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या का मामला बेहद चौंकाने वाला था. आत्महत्या से पहले बनाए गए एक वीडियो में अधिकारी ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को अपनी मौत का ज़िम्मेदार ठहराया था. 

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पंजाब सरकार के इस अधिकारी ने अपने सहकर्मियों और यहां तक कि तरन तारन के DC को भी बताया था कि वह किस तरह के दबाव से गुज़र रहे थे और लालजीत सिंह भुल्लर की तरफ से उन्हें किस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. 

अधिकारी ने आरोप लगाया कि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर उन पर दबाव डाल रहे थे कि वे एक खास टेंडर उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर को दे दें.

अधिकारी ने आत्महत्या से पहले अपने वरिष्ठों को लिखे पत्रों में यह भी आरोप लगाया कि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने उन्हें पट्टी स्थित अपने आवास पर बुलाया और उन पर दबाव डाला, उन्हें 'मानसिक रूप से प्रताड़ित' किया और जबरदस्ती एक वीडियो भी बनवाया जिसमें उन्हें यह कबूल करने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने किसी दूसरे आवेदक को टेंडर देने के लिए रिश्वत ली थी.

परिवार CBI जांच की मांग पर अड़ा, CM ने कहा 'नहीं' 
भले ही मंगलवार को अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन मृतक का परिवार लगातार इस बात पर जोर देता रहा कि इस पूरे मामले में CBI जांच होनी चाहिए.

मृतक की पत्नी उपिंदर कौर ने कहा, "हम CBI जांच चाहते हैं क्योंकि हमें पंजाब पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है."

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मृतक के चचेरे भाई वरिंदर सिंह ने कहा, "हम पूरे मामले की CBI जांच चाहते हैं. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने जांच CBI को सौंपने की बात कही है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही ऐसा होगा."

हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में एक सवाल का जवाब देते हुए इस मामले में CBI जांच से साफ इनकार कर दिया और कहा कि पंजाब पुलिस इस जांच को करने में पूरी तरह सक्षम है.

न्याय का वादा करते हुए CM मान ने कहा, "गिरफ्तारी हो चुकी है. रिमांड ली जाएगी. चाहे कोई मंत्री हो या कोई और व्यक्ति, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा."

मुख्यमंत्री ने कहा, ''जहां तक ​​CBI का सवाल है, ऐसे कई उदाहरण हैं जहां कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जैसे वाई. पूरन कुमार मामला, जिसमें हरियाणा के शीर्ष अधिकारियों के नाम आए थे - क्या वह मामला CBI को सौंपा गया था? 

एक व्यक्ति ने आत्महत्या की थी जिसमें उसने अमित शाह का नाम लिया था, क्या उसमें CBI जांच हुई थी?  एक परिवार ने आत्महत्या की थी जिसमें पिता और बेटी की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी बच गई थी और उसने कांग्रेस प्रमुख राजा वारिंग पर गंभीर आरोप लगाए थे, क्या उसमें CBI जांच हुई थी?  यहां तक ​​कि पटियाला में आत्मदाह की एक घटना भी हुई थी जिसमें कैप्टन अमरिंदर सरकार पर आरोप लगे थे, क्या उसमें CBI जांच हुई थी?''

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CM मान ने आगे कहा कि पंजाब पुलिस इस जांच को संभालने में पूरी तरह सक्षम है.

विपक्ष भड़का

राजनीतिक दल CBI जांच के लिए दबाव बनाते रहे, इस आत्महत्या के मामले को लेकर मचे पूरे राजनीतिक हंगामे के बीच, पंजाब के राजनीतिक दल एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए लगातार CBI जांच की मांग कर रहे हैं. 

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा, ''पंजाब सरकार इस पूरे मामले में सुस्त रही है और परिवार CBI जांच की मांग कर रहा है. हम भी चाहते हैं कि CBI जांच करे ताकि सच सामने आ सके.''

मजीठिया ने जोर देकर कहा कि चूंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CBI जांच के लिए पंजाब के सभी सांसदों से एक ज्ञापन की मांग की है, इसलिए सभी सांसदों को उस पर हस्ताक्षर करने चाहिए.

पंजाब BJP प्रमुख सुनील जाखड़ ने भी जोर देकर कहा कि इस मामले में CBI जांच जरूर होनी चाहिए. कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता (LOP) प्रताप सिंह बाजवा ने भी CBI जांच की मांग की है.

पत्नी ने सभी आरोपों से इनकार

मंत्री के परिवार ने आरोपों से इनकार किया. भले ही पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है, लेकिन मंत्री की पत्नी सुरिंदरपाल कौर ने सभी आरोपों से इनकार किया है.

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CM मान ने CBI जांच से इनकार किया, कहा पंजाब पुलिस सक्षम है.

एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान सुरिंदरपाल कौर ने कहा, ''सभी आरोप बेबुनियाद हैं और विपक्षी दल केवल राजनीति कर रहे हैं. किसी भी टेंडर के लिए अधिकारी पर कोई दबाव नहीं डाला गया था और लालजीत भुल्लर को गलत तरीके से फंसाया गया है.''

रंजीत एवेन्यू इलाके में रहने वाले अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा एक उच्च शिक्षित अधिकारी थे. उन्होंने अमृतसर के खालसा कॉलेज से B.Sc किया और बाद में पंजाब यूनिवर्सिटी से M.Sc और Ph.D की पढ़ाई पूरी की.

उन्होंने 2011 में पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन में नौकरी शुरू की थी और फिलहाल अमृतसर में जिला प्रबंधक के पद पर तैनात थे, साथ ही उनके पास तरनतारन जिले का अतिरिक्त प्रभार भी था.

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