श्रीलंका में आर्थिक संकट और गहराया, भारत से पहुंची 11 हजार मीट्रिक टन चावल की खेप

श्रीलंका के पारंपरिक नए साल से पहले भारत ने ये मदद की. मंगलवार को भारत से 11,000 टन चावल की एक खेप कोलंबो पहुंची. आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के लिए भारत की ओर से ये मदद काफी अहम मानी जा रही है.

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भारत ने श्रीलंका को भेजे 11 मीट्रिक टन चावल भारत ने श्रीलंका को भेजे 11 मीट्रिक टन चावल

aajtak.in

  • कोलंबो,
  • 13 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST
  • श्रीलंका की मदद के लिए आगे आया भारत
  • आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में भारत ने भेजे चावल

श्रीलंका में आर्थिक संकट और गहराता जा रहा है. यहां तक कि श्रीलंका ने दूसरे देशों से लिए हुए कर्ज को चुकाने से भी हाथ खड़े कर दिए हैं. श्रीलंका ने कहा है कि वह कुछ समय के लिए दूसरे देशों से लिया हुआ कर्ज नहीं चुका पाएगा. इन सबके बीच भारत ने श्रीलंका की मदद जारी रखने का फैसला किया है. इसी क्रम में भारत ने श्रीलंका को 11,000 टन चावल की खेप भेजी है. 

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श्रीलंका के पारंपरिक नए साल से पहले भारत ने ये मदद की. मंगलवार को भारत से 11,000 टन चावल की एक खेप कोलंबो पहुंची. आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के लिए भारत की ओर से ये मदद काफी अहम मानी जा रही है. 

मदद जारी रखेगा भारत

आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका के लिए नए साल के जश्न से पहले यह एक बड़ी राहत है. श्रीलंका में 13 और 14 अप्रैल को लोग सिंहल और तमिल नव वर्ष मनाएंगे. यह श्रीलंका के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है.

भारतीय उच्चायोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि श्रीलंका के लोगों द्वारा नए साल के जश्न से पहले भारत से चावल की खेप कोलंबो पहुंच गई. भारतीय उच्चायोग ने कहा, पिछले एक हफ्ते में श्रीलंका को भारत की मदद के तहत 16,000 टन चावल की आपूर्ति की गई है. ये आपूर्ति आगे भी जारी रहेगी, जो भारत और श्रीलंका के बीच विशेष संबंधों को दर्शाता है. 

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भारतीय कंपनियां भी मदद के लिए आई आगे

भारत सरकार ने अपने पड़ोसी देश के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं. भारत ने श्रीलंका को एक बिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन की सहायता जारी की है. इतना ही नहीं भारत से खाद्यान्न, पेट्रोल, डीजल और दवाइयां भी श्रीलंका भेजी जा रही हैं. इसके साथ ही अब भारतीय कंपनियां भी मुश्किल की घड़ी में मदद के लिए आगे आई हैं. श्रीलंका में मौजूद भारतीय कंपनी न सिर्फ कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आ रही हैं, बल्कि आसपास के लोगों की भी मदद कर रही हैं. कोलंबो से दक्षिण श्रीलंका की तरफ शहर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डायमंड हार्बर कंपनी के एमडी संजय बेद अपने कर्मचारियों को फंड से लेकर खाद्यान्न तक की मदद दे रहे हैं. दूसरी कंपनियां भी मदद के लिए आगे आई हैं. 

 

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