मुंबई में गैस सिलेंडर की कमी का असर अब 150 साल पुराने डब्बावाला सिस्टम पर भी साफ दिखने लगा है. मेस और छोटे किचन में सिलेंडर सप्लाई बाधित होने से कई जगह खाना बनना बंद हो गया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्राहकों के टिफिन बंद हो गए हैं. डब्बावालों के मुताबिक इससे उनके कामकाज की रफ्तार धीमी हुई है और आय लगभग आधी रह गई है. कई कर्मचारियों को अपने यहां काम करने वालों के लिए खुद भोजन की व्यवस्था करनी पड़ रही है. संगठन के अनुसार, जहां पहले रोज हजारों टिफिन पहुंचाए जाते थे, अब उसमें बड़ी गिरावट आई है, जिससे इस पारंपरिक सेवा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.