आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य मराठी समाज और भाषा की सुरक्षा है. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह समाज में विभाजन और नफरत फैलाने का काम करती है. ठाकरे ने महाराष्ट्र के संसाधनों और परियोजनाओं को अडानी समूह को सौंपे जाने की निंदा की जिससे स्थानीय हित प्रभावित हो रहे हैं.