महाराष्ट्र के बीड जिले के आष्टी तालुका से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां पैसों के लालच में एक 21 वर्षीय विवाहिता को एक ही महीने में तीन अलग अलग जगहों पर बेचा गया और जबरन उसकी शादी कराई गई. लगातार हो रही मानव तस्करी और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता ने जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की.
जानकारी के अनुसार पीड़िता मूल रूप से लातूर की रहने वाली है. उसकी पहली शादी करीब दो साल पहले हुई थी. हालांकि पति के खराब व्यवहार के कारण वह अपने मायके में रह रही थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात पुणे के हडपसर की रहने वाली एक महिला एजेंट महानंदा से हुई.
एक महीने में तीन बार अलग-अलग लोगों से कराई जबरन शादी
आरोप है कि महानंदा ने उसे दूसरी अच्छी शादी कराने का झांसा दिया और उसे अपने साथ पुणे ले गई. वहां उसने 5 लाख रुपये लेकर अमर कालभोर नाम के व्यक्ति से पीड़िता की जबरन शादी करा दी. लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला. महज 10 दिनों के भीतर ही पीड़िता को वहां से निकाल लिया गया और करीब साढ़े चार लाख रुपये लेकर उसे दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया.
इस घटना के बाद भी पीड़िता की परेशानी खत्म नहीं हुई. आरोप है कि 4 मार्च 2026 को आष्टी तालुका के कानडी बुद्रुक के एक शख्स से उसकी तीसरी शादी कराई गई. इसके बदले भी आरोपियों ने करीब साढ़े चार लाख रुपये वसूल लिए.
बताया जा रहा है कि 6 मार्च को आरोपियों ने पीड़िता को फोन कर चौथी शादी के लिए तैयार रहने को कहा. यह सुनकर वह बुरी तरह टूट गई. बार बार बेचे जाने की पीड़ा और भविष्य में होने वाले अत्याचार के डर से उसने जहरीली दवा पी ली. पीड़िता को तुरंत इलाज के लिए मिरजगांव के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
चार आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद आष्टी पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महानंदा, उसके पति और तुलजापुर के दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 61 के तहत मानव तस्करी और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. मामले की जांच पुलिस निरीक्षक शरद ज्ञानदेव भुतेकर के मार्गदर्शन में की जा रही है. उपनिरीक्षक श्रीकृष्ण शिंदे इस पूरे अंतर जिला गिरोह की जांच कर रहे हैं.
रोहिदास हातागले