नासिक में TCS के बीपीओ में काम करने वाले एक पीड़ित का बयान सामने आया है, जिसे टीम लीडर्स के ग्रुप ने धर्मांतरण के लिए निशाना बनाया था. उसका कहना है कि ऑफिस का माहौल इतना खराब था कि वहां लड़कियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक कमेंट किए जाते थे. आरोपी एक-दूसरे से बात करते हुए कहते थे कि तुम्हें इनमें कौन पसंद है.
आरोपी हिंदू रीति-रिवाजों को लेकर अपमानजनक बातें कहते थे. ऑफिस में जानबूझकर परेशान करते थे. नॉनवेज खाने और टोपी पहनने के लिए मजबूर करते थे. नमाज और कलमा पढ़ने के लिए भी मजबूर करते थे.
मैंने साल 2022 में कंपनी जॉइन की थी. उस समय मेरी टीम में तौसीफ अत्तर, दानिश शेख और अन्य लोग शामिल थे. तौसीफ अत्तर हमारे टीम लीडर भी थे. इसलिए हमें उनके निर्देश पर काम करना पड़ता था. तौसीफ मुझे अपने काम के साथ-साथ दानिश के काम भी सौंप देता था, मुझ पर काम का बहुत ज्यादा बोझ पड़ जाता था.
तौसीफ और दानिश ऑफिस में दूसरे पुरुष और महिला सहकर्मियों के साथ भी ऐसा ही बर्ताव करते थे. जब भी तौसीफ, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन ऑफिस में एक साथ जमा होते थे, तो वे महिला कर्मचारियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते थे- जैसे कि तुम्हें इनमें से कौन पसंद है? या तुम्हें इसको लेकर कोशिश करनी चाहिए.
वे हर किसी पर दबाव डालने की कोशिश करते थे. मुझसे तौसीफ और दानिश मेरी निजी और पारिवारिक मुश्किलों पर चर्चा करते थे, और फिर मुझे समाधान के तौर पर काला जादू करने की सलाह देते थे. हालांकि, मैंने हमेशा उनकी सलाह को नजरअंदाज किया.
साल 2023 में रमजान के दिनों में तौसीफ मुझे अपने घर ले गया. उसने जबरदस्ती मेरे सिर पर एक धार्मिक टोपी रख दी, मुझे नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया, और मेरी एक तस्वीर खींच ली. फिर उसने तस्वीर को एक ग्रुप चैट पर अपलोड कर दिया, जिसे वह खुद चलाता था. मुझे भी उस ग्रुप में जोड़ दिया. इस घटना से मानसिक तनाव में आ गया था. एक और मौके पर ऑफिस में जब मैं अपनी डेस्क पर काम कर रहा था, तो तौसीफ दानिश शेख, शाहरुख शेख और रजा मेमन के साथ मिलकर मुझे जबरदस्ती कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया.
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पीड़ित ने कहा कि मेरे घर में हर कोई रामदास स्वामी का भक्त है. मैं भी धार्मिक सिद्धांतों और प्रथाओं को मानता हूं. मैं गले में रुद्राक्ष की माला पहनता हूं. इसलिए तौसीफ और दानिश अक्सर मुझसे चर्चा करते थे, और मुझसे उल्टे सीधे सवाल पूछते थे और अपमान करते थे.
वहीं टीम के एक सदस्य ने निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था, और एक महिला सहकर्मी को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मास डिपार्टमेंट में ट्रांसफर कर दिया गया था. जब हम ऑफिस में काम कर रहे होते थे, तो तौसीफ और दानिश मनमाने ढंग से मुझसे मांग करते थे कि मैं जो भी काम कर रहा हूं, उसे छोड़कर उनकी मर्जी से अचानक आए कामों को निपटाऊं.
इसके अलावा जब भी हम देर रात तक काम करते थे, तो वे अपने साथ डिनर के लिए एक होटल ले जाते थे और जबरदस्ती नॉन-वेज खाने का दबाव डालते थे. जब मना किया, तो मेरे धार्मिक विश्वासों का मजाक उड़ाकर अपमान करते थे.
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पीड़ित ने कहा कि मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करते थे. वे दोनों सक्रिय रूप से मुझे धर्म बदलने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे. मार्च 2023 में मेरे पिता को पैरालाइसिस हो गया, उस समय तौसीफ, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मुझे धर्म बदलने को कहा और बोले कि अगर मैं ऐसा करूंगा, तो मेरे पिता ठीक हो जाएंगे.
इसके बाद जब मैंने तौसीफ और दानिश की बातों को नजरअंदाज किया, तो उन्होंने मेरे बारे में हेड ऑफिस को झूठी रिपोर्ट भेजना शुरू कर दिया. परेशान करने की कोशिश की. अपमानजनक टिप्पणियां कीं. विरोध किया, तो उन्होंने मेरे काम करने की जगह पर बार-बार मुझे निशाना बनाया. वे जान-बूझकर मुझे उकसाते थे और मुझसे झगड़ा करते थे. पीड़ित ने इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. उसने आरोप लगाया है कि यह सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन का प्रयास था.
इस मामले में एचआर मैनेजर निदा खान भी चर्चा में है. ऑफिस में निदा को प्रभाव इतना ज्यादा था कि कर्मचारी खुलकर शिकायत करने से भी डरते थे. आरोप है कि निदा की मौजूदगी में कई घटनाएं नजरअंदाज की गईं. पुलिस निदा की भी तलाश में जुटी है.
दिव्येश सिंह