मां पर टूटा दुखों का पहाड़: दो बेटी और एक बेटे की एक साथ मौत, 7 साल पहले गई थी पति की जान

महाराष्ट्र के ठाणे में हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया, जहां तीन भाई-बहनों समेत 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. छुट्टियां मनाने निकले बच्चों की घर वापसी की उम्मीद कभी पूरी नहीं हो सकी, जिससे मां का इकलौता सहारा भी छिन गया.

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दो बेटी और एक बेटी की एक साथ मौत (Photo: representational image) दो बेटी और एक बेटी की एक साथ मौत (Photo: representational image)

aajtak.in

  • ठाणे,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:23 AM IST

महाराष्ट्र में ठाणे के तीन भाई-बहन छुट्टी मनाने घर से निकले थे और मां से जल्द लौटने का वादा करके गए थे. लेकिन एक भीषण सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली और पूरे परिवार को उजाड़ दिया. दिल दहलाने वाला एक सच ये भी है कि इन मासूमों की मां ने सात साल पहले अपने पति को भी खो दिया था और अब बच्चे भी छिन गए.

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'मां, हम बस दो-तीन दिन में वापस आ जाएंगे'

'मां, हम बस दो-तीन दिन में वापस आ जाएंगे,' मामा के यहां छुट्टी मनाने जा रहे बच्चों के यही आखिरी शब्द थे. लेकिन कुछ घंटों बाद, सोमवार की सुबह एक भयानक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु की खबर ने उनकी मां को झकझोर कर रख दिया.

 वैन और सीमेंट मिक्सर ट्रक की टक्कर

22 साल की स्नेहा मोहापे, 20 साल की मानसी और उनका 17 साल के भाई प्रथमेश  उन 11 लोगों में शामिल थे जिनकी वैन हादसे का शिकार हो गई. कल्याण तालुका के रायते गांव के पास उल्हास नदी पर बने नवनिर्मित पुल पर यात्रियों से भरी  वैन और एक सीमेंट मिक्सर ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में सभी 11 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें 3 भाई बहन भी थे.

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सात साल पहले अपने पति की मौत

इस त्रासदी ने बच्चों की मां अंजना मोहापे के पूरे सहारे को तहस-नहस कर दिया है.  सात साल पहले अपने पति की मृत्यु के बाद से उन्होंने अपने बच्चों को बड़ी मुश्किलों से पाला था. घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली अंजना ने अपने बच्चों को  इस उम्मीद में खूब पढ़ाया कि वे जल्द ही अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे और परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकालेंगे. परिवार के एक सदस्य नत्थू मोहापे ने बताया कि, 'वह इन्हीं के लिए जीती थी. पति को खोने के बाद, ये तीनों ही उसके जीने का एकमात्र सहारा थे.'

कॉलेज की छुट्टियां बिताने गए थे भाई- बहन

परिवार के एक अन्य सदस्य ने कहा, 'ये तीनों होनहार बच्चे थे और अपनी मां के लिए कुछ करने का सपना देखते थे. अब सब कुछ पल भर में खत्म हो गया.' भाई-बहन कॉलेज की छुट्टियां बिताने के लिए जिले के मुरबाद तालुका के पनहे गांव में अपने मामा के घर जा रहे थे. परिवार के सूत्रों के अनुसार, तीनों भाई-बहनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा.

हादसे में 11 लोगों की गई जान

दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वैन चकनाचूर हो गई.  स्थानीय निवासी बचाव अभियान शुरू करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक लगभग सभी यात्रियों की जान जा चुकी थी. इस दुर्घटना ने कल्याण-अहिल्यानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों को लेकर स्थानीय लोगों में नए सिरे से आक्रोश पैदा कर दिया है. निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लगे ट्रक, मिक्सर और डंपर ट्रक अक्सर राजमार्ग पर गति सीमा और सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करते हैं.

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