महाराष्ट्र के ठाणे में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. भिवंडी तालुका के केवानी क्रीक इलाके में चल रहे इस अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए करीब 80 से 90 लाख रुपये की मशीनरी और उपकरण नष्ट कर दिए गए. इस कार्रवाई के बाद खनन माफिया में हड़कंप मच गया है.
एजेंसी के अनुसार, राजस्व विभाग ने शुक्रवार को एक सूचना के आधार पर एक्शन लिया. प्रशासन को जानकारी मिली थी कि केवानी सैंड पोर्ट इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से रेत का खनन और भंडारण हो रहा है. इसके बाद जिला प्रशासन ने टीम बनाकर छापेमारी की.
यह अभियान कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल के नेतृत्व में चलाया गया. राजस्व विभाग की टीम ने इलाके में पहुंचकर अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों को नष्ट करना शुरू किया. इनमें पांच सक्शन यूनिट्स और आठ बार्ज (नाव जैसी मशीनें) को ध्वस्त कर दिया गया. कुछ मशीनों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि बार्ज को क्रीक में डुबो दिया गया.
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जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खनन माफिया ने क्रीक के किनारे 12 बड़े स्टोरेज टैंक बना रखे थे, जिनमें अवैध रूप से निकाली गई रेत को जमा किया जाता था. इन टैंकों को भी मशीनों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया.
अधिकारियों के अनुसार, जिस जमीन पर यह अवैध गतिविधियां चल रही थीं, वह रिजर्व फॉरेस्ट की कैटेगरी में है. यह न केवल अवैध खनन है, बल्कि वन क्षेत्र का अतिक्रमण और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन भी है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में वन विभाग द्वारा भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिवंडी ग्रामीण पुलिस स्टेशन के जवानों को मौके पर तैनात किया गया था.
जिला प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से अवैध रेत खनन के खिलाफ अभियान तेज किया गया है. इससे पहले भी कई मामलों में उपकरण जब्त किए गए हैं और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं. इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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