अजित पवार के प्लेन हादसे को लेकर उठ रहे कई तरह के सवालों के बीच उनके भतीजे रोहित पवार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दिल्ली प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मेरे चाचा अजित दादा की प्लेन क्रैश में जान चली गई, बहुत सी बातें कही जा रही हैं. हमारे मन में कुछ शक हैं और हमने एक प्रेजेंटेशन तैयार किया है.
उन्होंने एक विस्तृत प्रजेंटेशन के जरिए दावा किया कि यह एक सुनियोजित साजिश या 'सबोटॉज' हो सकता है. रोहित ने पायलटों के आखिरी शब्दों "Oh Sh**" का जिक्र करते हुए मुख्य पायलट की भूमिका पर संदेह जताया. उन्होंने विमान के 'टेक लॉग' (Tech Log) और दैनिक सुरक्षा जांच के दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उड़ान से पहले अंतिम हस्ताक्षर किसके थे.
रोहित के मुताबिक, एरो हैंडलर मनोज पवार ने विजिबिलिटी को ठीक बताया था, जबकि वी.के. सिंह ने विमान को सुरक्षित बताया था, फिर भी हादसा कैसे हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे से ठीक एक मिनट पहले ट्रांसपोंडर बंद कर दिया गया था और मुख्य पायलट को आखिरी समय पर बदला गया था. रोहित पवार ने इन सभी विसंगतियों की अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है.
पायलट के आखिरी शब्द और 'स्वैप' पर सवाल
रोहित पवार ने प्रजेंटेशन में बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के मुताबिक पायलट के आखिरी शब्द बेहद चौंकाने वाले थे. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिरी वक्त पर मुख्य पायलट साहिल मदान और यश को बदलकर सुमित कपूर और शांभवी पाठक को क्यों लाया गया? रोहित ने सुमित कपूर के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड पर भी उंगली उठाई. उनका कहना है कि अगर विमान सही था और पायलट अनुभवी थे, तो "Oh Sh**" जैसी प्रतिक्रिया किसी बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करती है जिसे छुपाया जा रहा है.
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टेक लॉग और डेली चेक: गायब हैं अहम दस्तावेज?
रोहित पवार ने विमान की तकनीकी सुरक्षा पर गंभीर आपत्ति जताई. उन्होंने पूछा कि विमान का 'टेक लॉग' कहां है और उड़ान से पहले उस पर किसने हस्ताक्षर किए थे? नियम के मुताबिक, हर उड़ान से पहले रूटीन चेकअप की एक पूरी डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया होती है. रोहित का आरोप है कि अभी तक यह साफ नहीं है कि उस दिन विमान की तकनीकी जांच किसने की थी. उन्होंने हंगर (Hangar) के सीसीटीवी फुटेज की भी मांग की ताकि यह पता चल सके कि विमान के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई थी.
विजिबिलिटी और लैंडिंग का रहस्य
प्रजेंटेशन के दौरान रोहित ने बताया कि हैंडलर मनोज पवार ने विजिबिलिटी ठीक बताई थी, फिर भी पायलट ने आसान रनवे (29) के बजाय चुनौतीपूर्ण टेबलटॉप रनवे (11) पर लैंडिंग की जिद क्यों की? उन्होंने आशंका जताई कि क्या विमान में अवैध रूप से अतिरिक्त फ्यूल टैंक रखे गए थे, जो एक बम की तरह काम कर सकते हैं? रोहित ने इसे एक गहरी साजिश बताते हुए कहा कि मामले की जांच डीजीसीए के बजाय अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से कराई जानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके.
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इससे पहले, रोहित पवार ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले विमान की मालिक कंपनी VSR पर सवाल उठाए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विमान का रूटीन मेंटेनेंस हुआ था? टेक लॉग कहां है? एयरवर्दी रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं की गई? क्या क्रैश से पहले ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया?
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया है कि 2023 में VSR के एक अन्य विमान हादसे की फाइनल रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई. उनका दावा है कि DGCA पर दबाव हो सकता है और जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं हो रही.
ARROW कंपनी और फ्लाइट बुकिंग पर शक
रोहित ने कहा कि पहले अजित पवार सड़क मार्ग से बारामती जाने वाले थे और उनके काफिले की तैयारी हो चुकी थी. फिर आखिरी समय में विमान से जाने का फैसला क्यों हुआ? फ्लाइट बुकिंग देर रात क्यों की गई? उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि बुकिंग और हैंडलिंग की पूरी जांच होनी चाहिए. किसके दबाव में प्लान बदला गया?
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पायलट पर सीधे सवाल उठाए
रोहित पवार ने पायलट कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कपूर को पहले शराब सेवन के मामले में सस्पेंड किया गया था. उन्होंने पूछा कि लैंडिंग के समय पायलट चुप क्यों थे? रनवे 29 की अनुमति मिलने के बाद रनवे 11 क्यों मांगा गया, जबकि वो ज्यादा चुनौतीपूर्ण था? उन्होंने यह भी कहा कि को-पायलट शांभवी पाठक का लियरजेट पर अनुभव ज्यादा था. ऐसे में अंतिम निर्णय किस आधार पर लिए गए?
आशुतोष मिश्रा