पुणे में सोशल मीडिया के जरिए हुई पहचान का गलत फायदा उठाकर एक युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस मामले में आरोपी ऋषिकेश वैद्य (निवासी वसई) के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती की आरोपी से अक्टूबर 2023 में फेसबुक के माध्यम से पहचान हुई थी.
आरोपी ने खुद को भगवान महादेव का भक्त बताते हुए और पूजा-पद्धति सिखाने के बहाने युवती का भरोसा जीता. आरोप है कि भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने नवंबर 2023 में पुणे के मांजरी इलाके के एक लॉज में युवती की इच्छा के खिलाफ संबंध बनाए.
वसई के स्वयंघोषित धर्मगुरु ऋषिकेश वैद्य के खिलाफ महिला से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है. यह मामला वसई के माणिकपुर पुलिस थाने में दर्ज हुआ है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए पुणे के हडपसर पुलिस को स्थानांतरित किया गया है.
पीड़ित महिला 35 साल की है. महिला की शिकायत के अनुसार, साल 2023 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से ऋषिकेश वैद्य से हुई थी. उसने महिला की धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर उसे आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के बहाने अपने करीब किया.
दिसंबर 2023 में वह पुणे में उससे मिलने गया. उसने खुद को भगवान महादेव का अवतार बताते हुए कहा कि “मैं शंकर हूं और तुम मेरी पार्वती हो”, और इस तरह महिला को बहलाया, इसके बाद वह उसे पुणे के मांजरी इलाके के एक लॉज में ले गया, जहां उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया.
शिकायत के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने महिला की जानकारी के बिना उसके अश्लील फोटो भी खींच लिए. बाद में इन फोटो के आधार पर उसे ब्लैकमेल किया गया और दोबारा मिलने के लिए मजबूर किया गया.
मई 2025 में वसई के एक होटल (एक्सप्रेस इन) में उसे बुलाकर फिर से उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई.
इस बीच नासिक के अशोक खरात से जुड़े मामले के सामने आने के बाद पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाकर अपने पति को इस बारे में बताया. इसके बाद दोनों ने वसई के माणिकपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने दी जानकारी
माणिकपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हिरालाल जाधव के अनुसार, चूंकि दुष्कर्म की पहली घटना पुणे में हुई थी, इसलिए मामला हडपसर पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर किया गया है. पीड़िता का आरोप है कि ऋषिकेश वैद्य ने खुद को धर्मगुरु बताकर कई महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और उनका यौन शोषण किया.
डीसीपी निखिल पिंगले ने बताया कि ऋषिकेश वैद्य नाम का एक स्वयंभू ‘महाराज’ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. साल 2023 में पीड़ित महिला उसके संपर्क में आई थी. उस दौरान आरोपी ने खुद को भगवान महादेव का बड़ा भक्त और उनका अंश बताकर महिला को झांसे में लिया और उसके साथ गलत हरकत की.
यह घटना मूल रूप से मुंबई के वसई क्षेत्र में हुई थी. इस दौरान आरोपी ने पीड़िता की भावनाओं का गलत फायदा उठाया. साल 2026 में जब पीड़िता को इस पाखंडी बाबा की सच्चाई का पता चला, तब उसने मुंबई के वसई में शिकायत दर्ज कराई.
इसके बाद मामले की जांच के तहत केस पुणे के मांजरी क्षेत्र में ट्रांसफर कर दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे हिरासत में लिया जाएगा.
aajtak.in