पुणे: 30 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ 56 वर्षीय व्यक्ति ने लगाई फांसी, इस नेता पर लगे गंभीर आरोप

पुणे के लष्कर पुलिस क्षेत्र में 56 वर्षीय सादिक कपूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसने 30 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा और अपने शरीर पर कथित राजनीतिक उम्मीदवार फारूक इनामदार का नाम लिखा. परिजन आरोप लगा रहे हैं कि जमीन विवाद और मानसिक दबाव के कारण यह आत्महत्या हुई. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

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शरीर पर लिखा नेता का नाम.(Photo: Representational) शरीर पर लिखा नेता का नाम.(Photo: Representational)

ओमकार

  • पुणे,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:12 PM IST

जहां एक ओर पुणे शहर में महापालिका चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है. लष्कर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 56 वर्षीय एक वरिष्ठ व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस आत्महत्या ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है, क्योंकि मृतक ने एक राजनीतिक पार्टी के नेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ससून अस्पताल भेज दिया. आत्महत्या के पीछे की वजह को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मृतक ने मरने से पहले कई संकेत छोड़े हैं.

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30 पन्नों का सुसाइड नोट और शरीर पर लिखा नाम

पुलिस के अनुसार, आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की पहचान सादिक कपूर (56 वर्ष), निवासी हडपसर (पुणे) के रूप में हुई है. सादिक कपूर ने आत्महत्या से पहले करीब 30 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था. इतना ही नहीं, उसने अपने शरीर पर एक कथित राजनीतिक उम्मीदवार का नाम भी लिखा हुआ था.

परिजनों का आरोप है कि सादिक कपूर ने यह कदम मानसिक दबाव में आकर उठाया. उनका कहना है कि यह आत्महत्या किसी निजी कारण से नहीं, बल्कि लगातार बनाए जा रहे दबाव का नतीजा है. हालांकि, पुलिस अभी इन दावों की जांच कर रही है.

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राजनीतिक नेता पर लगाए गए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के अधिकृत उम्मीदवार फारूक इनामदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि जमीन विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर सादिक कपूर पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया.

बताया गया है कि फारूक इनामदार सैयद नगर वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं और इससे पहले वे नगरसेवक भी रह चुके हैं. परिजनों का दावा है कि इसी विवाद के चलते सादिक कपूर ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया.

मृतक का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

पुलिस ने बताया कि सादिक कपूर के खिलाफ पहले मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई हो चुकी थी. उसके खिलाफ इस कानून के अंतर्गत दो गंभीर मामले दर्ज थे. इसके अलावा, उसके कुख्यात अपराधी टिपू पठाण से संबंध होने की जानकारी भी सामने आई है.

पुलिस का कहना है कि पुराने जमीन विवाद और पैसों के लेन-देन से जुड़ा तनाव भी आत्महत्या की एक वजह हो सकता है. इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है.

ऑफिस में दी जान, जांच में जुटी पुलिस

यह घटना कैंप इलाके की ई-स्ट्रीट स्थित एक कॉम्प्लेक्स में हुई, जहां सादिक कपूर का ऑफिस था. बताया जा रहा है कि आज सुबह करीब 9:30 बजे उसने पहले सुसाइड नोट लिखा और फिर उसी ऑफिस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

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फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट की सामग्री, लगाए गए राजनीतिक आरोप, जमीन विवाद और पैसों के लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी.

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