NCP मंत्री नरहरी जिरवाल से जुड़े कथित वीडियो मामले में अब नया कानूनी मोड़ सामने आया है. इस मामले में वीडियो लीक करने के आरोपी व्यक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है. यह एफआईआर मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी.
शिकायत एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसने आरोपी को अपना भाई बताया है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे धमकाने की कोशिश की.
वीडियो लीक मामले में आरोपी ने हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा
बताया जा रहा है कि आरोपी पर आरोप है कि उसने एक ऐसा वीडियो लीक किया, जिसमें एनसीपी मंत्री नरहरी जिरवाल एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था.
अब आरोपी ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए. साथ ही उसने ट्रांसजेंडर के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है. आरोपी ने आरोप लगाया है कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और ट्रांसजेंडर द्वारा उसके खिलाफ वसूली, ब्लैकमेल, आपराधिक धमकी और साजिश जैसे आरोपों के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
मामले में दोनों पक्ष आमने-सामने, अदालत के फैसले का इंतजार
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया है. फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई होने का इंतजार है. पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. आने वाले समय में अदालत के फैसले से इस पूरे मामले में नई स्थिति साफ हो सकती है.
विद्या