महाराष्ट्र में नासिक के टीसीएस बीपीओ (TCS BPO) कैंपस से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले की जांच से पता चलता है कि आरोपियों में से सात युवत संगठित गिरोह की तरह महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे.उनका टार्गेट बस इतना था कि महिला कर्मचारी को निशाना बनाना है, फंसाना है, यौन उत्पीड़न करना है और धर्म बदलवाना है.
शिकायत पर HR कहती थी- ये सब तो होता रहता है
पुलिस ने इन आरोपों के संबंध में नौ मामले दर्ज किए हैं.सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक महिला आरोपी निदा खान फरार है.नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बुधवार को दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करते हुए बताया कि ऑपरेशनल हेड और एचआर हेड ने कथित तौर पर एक पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से यह कहकर रोका था कि 'ये सब तो होता रहता है'. उन्होंने आरोपियों का पक्ष भी लिया था.
एचआर हेड निदा अभी भी फरार
नासिक अदालत ने बुधवार को गिरफ्तार महिला ऑपरेशन मैनेजर को 28 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि एचआर हेड निदा अभी भी फरार है. आरोपी के संबंध में किसी चरमपंथी संगठन की संलिप्तता या विदेश से वित्तीय सहायता मिलने की अटकलों के सवाल पर पुलिस कमीश्नर ने कहा कि गहन जांच जारी है और पुलिस ने एसआईडी, एटीएस और एनआईए को पत्र लिखा है.उन्होंने आगे कहा, 'जैसे ही हमें कुछ सबूत मिलेंगे, हम इस संबंध में निष्कर्ष पर पहुंच सकेंगे।'
पुरुष कर्मचारी ने भी लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा दर्ज किए गए नौ मामलों में कंपनी के एक पुरुष कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत भी शामिल है, जिसमें कार्यस्थल पर धर्म परिवर्तन के प्रयास और धार्मिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.इस सप्ताह की शुरुआत में, पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, जिन्होंने दावा किया था कि सीनियर कलीग्स ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि एचआर डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।
दानिश, शाहरुख, रजा... सब के सब टीम हेड
पुरुष आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के रूप में हुई है. ये सभी टीम लीडर जैसे उच्च पदों पर थे और कथित तौर पर उन्होंने अपने पदों का दुरुपयोग करके सहकर्मियों को परेशान किया.ये सारे एक गैंग की तरह महिला सहकर्मियों को निशाना बनाकर उनका यौन शोषण करते थे और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते थे.
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने यौन उत्पीड़न को 'बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक' बताया है और घोषणा की है कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में मामले की गहन जांच चल रही है ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके.
कर्णिक ने बताया कि एक महिला डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) और कुछ महिला पुलिसकर्मियों को जांच के लिए कार्यालय भेजा गया था.उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की और सभी को समझाने की कोशिश की, तो अन्य शिकायतकर्ता सामने आए।
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