नांदेड़ में खत्म हो गई पूरी फैमिली... माता-पिता घर में, बेटे रेलवे ट्रैक पर मृत मिले, सामूहिक आत्महत्या की आशंका

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक ही परिवार के चार लोग मृत पाए गए. पुलिस इस मामले को लेकर सामूहिक आत्महत्या की आशंका जता रही है. पुलिस ने कहा कि दो अलग-अलग जगहों पर एक किसान, उसकी पत्नी और उनके दो बेटे मृत पाए गए हैं. फिलहाल रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, परिवार द्वारा छोड़े गए नोट्स की जांच की जा रही है.

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नांदेड़ में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत. (File Photo: ITG) नांदेड़ में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नांदेड़,
  • 25 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

नांदेड़ जिले के जावला मुरार गांव में किसान परिवार के चार लोगों की मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. माता-पिता के शव घर में मिले, जबकि उनके दोनों बेटे रेलवे ट्रैक पर मृत मिले. पुलिस का अनुमान है कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला हो सकता है. फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है. फॉरेंसिक जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पूरा खुलासा होगा. इस घटना के बाद पूरा गांव सदमे में है.

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एजेंसी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे पुलिस को मामले की सूचना मिली थी. जानकारी मिलते ही पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और जायजा लिया. इस दौरान 51 वर्षीय रमेश सोनाजी लाखे और उनकी पत्नी 44 वर्षीय राधाबाई लाखे के शव घर में एक चारपाई पर मिले. इसके बाद उनके बेटों 25 वर्षीय उमेश और 22 वर्षीय बजरंग के शव पास की रेलवे लाइन पर मिले. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि वे तेज रफ्तार ट्रेन के सामने कूद गए.

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पुलिस इंस्पेक्टर दत्तात्रय मंठले ने कहा कि माता-पिता के शव घर में मिले, जबकि बेटों की मौत रेलवे ट्रैक पर हुई. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब टीम को सबूत जुटाने के मकसद से बुलाया गया है. मौत कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा. हालांकि यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. इस कदम के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं. 

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह परिवार छोटे पैमाने पर खेती करने वाले समुदाय से ताल्लुक रखता था. लेकिन अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि फाइनेंशियल प्रॉब्लम या अन्य घरेलू संकट की वजह से ये कदम उठाया. पड़ोसियों ने लाखे परिवार को एक मेहनती परिवार बताया, जो छोटी जमीन पर खेती कर मुश्किलों से गुजारा करते थे. नांदेड़ ग्रामीण पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों के बयानों को दर्ज करना शुरू कर दिया है और यह भी देखा जा रहा है कि परिवार ने कोई नोट या अंतिम संदेश छोड़ा है या नहीं.

लखे परिवार में केवल चार लोग थे. इस घटना से पूरा परिवार उजड़ गया. उमेश लखे मनसे मुदखेड़ के पूर्व तहसील उपाध्यक्ष हैं. उमेश सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहते थे. इस घटना से पूरे गांव में मातम है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अबिनाश कुमार, डीएसपी अर्चना पाटिल, बारड़ पुलिस स्टेशन के पीआई, पुलिस कर्मियों को मिलते ही पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे. एसपी ने कहा कि यह घटना आर्थिक परिस्थिति की वजह से हो सकती है. फिलहाल जांच चल रही है.

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(कुंवरचंद मंडले के इनपुट के साथ)

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