महाराष्ट्र के नागपुर में नवविवाहिता फाज़िला ज़बीन शेख की संदिग्ध मौत ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शादी के महज चार महीने बाद फाज़िला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों के आरोपों पर पुलिस ने पति समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
जानकारी के अनुसार, अमरावती निवासी फाज़िला ज़बीन शेख की शादी इसी साल जनवरी में नागपुर के बोरियापुरा निवासी जुबेर शेख से हुई थी. शुरुआती कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप है.
परिजनों के मुताबिक 15 मई को फाज़िला ने अपनी मां को फोन कर रोते हुए कहा था- 'मुझे बचा लो… मुझे कुछ भी हो सकता है… इसके कुछ समय बाद ही फोन बंद हो गया.
आरोप है कि बाद में ससुराल पक्ष की ओर से सूचना दी गई कि हार्ट अटैक से फाजिला की मौत हो गई है. जब मृतका के माता-पिता नागपुर पहुंचे तो कथित तौर पर पहले शव सौंपने से इनकार किया गया. बाद में जब शव अमरावती ले जाया गया और अंतिम संस्कार से पहले स्नान कराया गया, तब परिजनों ने फाजिला के गले पर निशान देखे, जिससे हत्या की आशंका गहरा गई.
मृतका के भाई मोहम्मद आवेश अब्दुल हसन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया. इसके बाद शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया. प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है. नागपुर के तहसील थाना में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 248/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103, 238, 351(2) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है.
मामले में मृतका के पति जुबेर शेख, देवर मोहम्मद इरफान और ससुर जलील शेख को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने पति और जेठ को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया है, जबकि वृद्धावस्था के चलते ससुर की गिरफ्तारी नहीं की गई है. फाज़िला की मौत के बाद नागपुर और अमरावती में आक्रोश का माहौल है. यह मामला अब सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा पर समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल बन चुका है.
योगेश पांडे