महाराष्ट्र के नागपुर शहर में एक मॉल की लिफ्ट अचानक बंद हो गई और उसमें फंसे छह लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. मॉल प्रबंधन को बार-बार फोन किया गया लेकिन मदद नहीं आई. आखिरकार मॉल में मौजूद लोगों ने गुस्से में लिफ्ट का शीशा तोड़कर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला. सभी छह लोग सुरक्षित हैं लेकिन इस घटना ने सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
नागपुर के सीताबर्डी इलाके में फॉर्चून मॉल है. यहां एक लिफ्ट अचानक बिना किसी चेतावनी के बंद हो गई. उस वक्त लिफ्ट में छह लोग सवार थे. लिफ्ट रुकी तो वो अंदर ही फंस गए.
लिफ्ट एक बंद डिब्बे की तरह होती है और जब वो रुक जाती है तो हवा आना बंद हो जाता है. धीरे-धीरे अंदर का माहौल घुटन भरा हो गया. फंसे हुए लोगों ने बताया कि काफी देर तक अंदर बंद रहने की वजह से सांस लेना मुश्किल होने लगा और उन्हें बहुत घबराहट हुई.
मदद क्यों नहीं आई?
अंदर फंसे लोगों ने मॉल प्रबंधन को बार-बार फोन किया और मदद मांगी. लेकिन उनका कहना है कि बार-बार बताने के बावजूद कोई तुरंत मदद के लिए नहीं आया. देरी होती रही और अंदर लोगों की हालत बिगड़ती रही.
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आखिर में कैसे निकले लोग?
जब मॉल में मौजूद दूसरे लोगों को इस बारे में पता चला तो वो भड़क गए. गुस्साई भीड़ ने विरोध जताया. तब जाकर लिफ्ट का शीशा तोड़ा गया और फंसे हुए छहों लोगों को बाहर निकाला गया. एक पीड़ित ने बताया कि 'बार-बार बताने के बाद भी देर होती रही.
जब लोगों ने विरोध किया तब शीशा तोड़ा गया और हम सुरक्षित बाहर आए. राहत की बात यह है कि सभी छह लोग बिना किसी चोट के सुरक्षित निकल आए.इस घटना ने दिखाया कि अगर किसी मॉल या सार्वजनिक जगह पर इस तरह की इमरजेंसी स्थिति आए तो वहां का प्रबंधन कितना तैयार है. क्या उनके पास कोई इमरजेंसी टीम है?
योगेश पांडे