आजतक के 'मुंबई मंथन' में आदित्य ठाकरे ने शिवसेना और भाजपा पर 12 साल पुराने मुद्दों से लेकर धारावी, भूमिपुत्र और भ्रष्टाचार तक हर सवाल का जवाब दिया. उन्होंने साफ कहा कि अगर भाजपा अपने वादे निभाती तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकना उनका काम था, लेकिन अब भी हिंदू खतरे में हैं. साथ ही, उन्होंने बीएमसी में भ्रष्टाचार पर भी करारा जवाब दिया और तंज करते हुए कहा कि अगर वे भ्रष्टाचारी होते तो पहले ही 'वाशिंग मशीन' में कूद जाते.
मुंबई में बांग्लादेशियों की बढ़ती संख्या के सवाल पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा का काम था बांग्लादेशियों को रोकना. अब 12 साल बाद भी हिंदू खतरे में है. हमारी सरकार में ये काम नहीं हुआ. हमने हमेशा मुद्दों की बात की लेकिन भाजपा ने सिर्फ हिंदू खतरे का नारा फैलाया.
भूमिपुत्र और मराठी मुद्दे पर रखी बात
बीएमसी में मराठी भूमिपुत्रों के रोजगार और न्याय के बारे में क्या कहा जा सकता है? इस सवाल पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले 25 सालों से भूमिपुत्रों के लिए लड़ते आए हैं. होटल, बैंक, रेलवे या मल्टीनेशनल कंपनियों में भूमिपुत्रों को न्याय मिला है. लेकिन पिछले तीन सालों में भाजपा की सरकार में मराठी लोगों के साथ अन्याय हुआ. उन्हें घर और नौकरी मिलने में कठिनाइयां आईं. हमने हमेशा पारदर्शिता और न्याय का पक्ष लिया.
भ्रष्टाचार पर बोले- हमने बीएमसी की तिजोरी बढ़ाई
बीएमसी में भ्रष्टाचार के आरोपों पर आदित्य ने कहा कि अगर हम भ्रष्टाचारी होते तो पहले ही ‘वाशिंग मशीन’ में कूद जाते. हमने बीएमसी की तिजोरी बढ़ाई, हर पैसा पारदर्शी रखा. जो आरोप भाजपा लगाती रही, वो राजनीतिक थे. हमने रास्ते के घोटाले समेत कई मामलों में सबूत पेश किए, सुप्रीम कोर्ट ने भी घोटाला माना.
धारावी वालों को घर और 500 स्क्वेयर फीट मिलना चाहिए
धारावी के पुनर्विकास और टीडीआर पर आदित्य ने कहा कि धारावी में रहने वालों को उनके घर और 500 स्क्वेयर फीट मिलना चाहिए. हमने हमेशा पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन किया. टीडीआर और विकास के नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए. किसी को खासाधिकार नहीं मिलना चाहिए, चाहे वो अदानी हो या कोई और. मुंबई का विकास मुंबई के टैक्स से होना चाहिए.
परिवार पर क्या बोले आदित्य?
ठाकरे परिवार की युती और राजनीतिक गठबंधन पर आदित्य ने कहा कि पारिवारिक और राजनीतिक गठबंधन हमेशा फेयर ग्राउंड पर होना चाहिए. दो भाई अगर साथ आए हैं तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है. युती केवल चुनाव के लिए नहीं, बल्कि सिद्धांत और मुंबई के लिए होनी चाहिए. हमारी राजनीति दिल से होती है, लेकिन भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ सख्त रहते हैं.
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