कहीं कुर्बानी का विरोध, कहीं बकरे पर बवाल... मुंबई की हाईराइज सोसायटी में ये क्या हो रहा है?

मुंबई के घाटकोपर वेस्ट की सागर पार्क हाउसिंग सोसायटी में बकरीद के दौरान बकरे की कुर्बानी की तैयारी को लेकर विवाद हुआ. हिंदू संगठनों ने सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी का विरोध किया और बीएमसी प्रशासन पर नियमों के पालन में लापरवाही के आरोप लगाए.

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मीरा रोड की हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों को लेकर बवाल मच गया मीरा रोड की हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों को लेकर बवाल मच गया

विद्या

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

बकरीद को लेकर मुंबई की हाईराइज सोसायटी में भारी बवाल की खबरें सामने आ रही हैं. हिंदू संगठन ईद-अल-जुहा के मौके पर सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी का विरोध कर रहे हैं और इससे जुड़ी तैयारियों पर भी विरोध कर रहे हैं.

बुधवार को मुंबई के घाटकोपर वेस्ट स्थित सागर पार्क हाउसिंग सोसायटी में ऐसा ही विवाद सामने आया. जहां सोसायटी प्रिमायसिस के भीतर बकरे की कुर्बानी की तैयारी होती देखकर विवाद खड़ा हो गया.

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बीएमसी प्रशासन पर उठाए सवाल
इससे पहले ठाणे में भी ऐसा ही विवाद सामने आया था. जहां एक हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी के लिए बकरे बांधे गए थे और उनके लिए शेड बनाया गया था. वहीं सोसायटी में बकरों के रखे जाने का अनोखा विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला जहां लोग सुअर लेकर पहुंच गए.  बुधवार को मुंबई के घाटकोपर में बीजेपी नेता किरीट सोमैया भी विवाद होने पर मौके पर पहुंचे और बीएमसी प्रशासन पर सवाल उठाए.

घाटकोपर वेस्ट की हाउसिंग सोसायटी में विवाद
सामने आया है कि, मुंबई के घाटकोपर वेस्ट स्थित सागर पार्क हाउसिंग सोसायटी में बकरे की कुर्बानी की तैयारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया. मामले की जानकारी मिलने के बाद बीजेपी नेता किरीट सोमैया मौके पर पहुंचे और बीएमसी प्रशासन पर सवाल उठाए. बीएमसी ने पहले ही सोसायटी परिसर के अंदर कुर्बानी की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

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इसके बावजूद कुछ लोग कथित तौर पर सोसायटी में बकरे लेकर पहुंचे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया. मौके पर पहुंचकर किरीट सोमैया ने कहा कि अगर कोई धार्मिक ‘माफियागिरी’ करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

सोसायटी में कैसे लाए गए बकरे?
सोमैया ने कहा, 'ईद की कुर्बानी जरूर होनी चाहिए, लेकिन बीएमसी द्वारा तय और अधिकृत स्थानों पर ही की जानी चाहिए. हाउसिंग सोसायटी के अंदर बकरे कैसे लाए गए, यह बड़ा सवाल है.' सोमैया ने आरोप लगाया कि यह हिंदुओं को डराने की कोशिश थी और ऐसी मानसिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा, 'यहां 31 बकरे थे, जिनमें से 23 को बाहर निकाल दिया गया है. बाकी को निकालने की कार्रवाई बीएमसी कर रही है. यह मानसिकता यहां नहीं चलेगी.'

घटना के बाद पुलिस बल तैनात
बीजेपी नेता ने बीएमसी अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 'हर जगह किरीट सोमैया ही जाएगा तभी बकरे निकलेंगे क्या? तो फिर बीएमसी क्या कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नियमों का पालन कराया जाए और किसी भी तरह के विवाद को समय रहते रोका जाए. घटना के बाद इलाके में पुलिस और बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है. 

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ठाणे में भी हुआ था बवाल
बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में भी ऐसा ही बवाल सामने आया था. यहां बकरियों की एंट्री, विरोध प्रदर्शन, सुअर लाने की कोशिश, नारेबाजी और राजनीतिक बयानों के बीच पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

मीरा रोड की सोसायटी में बनाया था बकरों का शेड
मीरा रोड के पूनम एस्टेट क्लस्टर 1 सोसाइटी में सोमवार को बड़ी संख्या में बकरियां लाई गईं. यहां बकरियों के लिए एक टेम्पररी शेड भी बनाया गया. सोसाइटी के कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए. विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.

कुर्बानी विवाद में चला चाकू

हंगामा देर रात तक जारी रहा. इसी दौरान 26 मई 2016 की रात करीब 12.50 बजे एक व्यक्ति वहां पहुंचा और VHP के जिला मंत्री नागनाथ कांबले के बारे में पूछताछ करने लगा. VHP कार्यकर्ता हर्ष सिंह के मुताबिक, जब उससे सवाल किया गया तो उसने चाकू निकाल लिया और हमला करने की कोशिश करने लगा.  

हर्ष सिंह ने हाथ लगाकर हमला रोकने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ में चोट आई. उनको चार टांके लगाने पड़े. इस मामले में FIR दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि VHP के दो और कार्यकर्ता भी घायल हुए. मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. इलाके में तनाव और बढ़ गया. 

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जय श्रीराम और हनुमान चालीसा गाकर विरोध प्रदर्शन
VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता बिल्डिंग के गेट पर बैठ गए. जय श्री राम के नारे लगाने लगे. दिनभर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी और सोसाइटी से बकरियों को हटाने की मांग कर रहे थे. इस बीच, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार अलग-अलग समूहों से बातचीत करते रहे.

इसके बाद में BJP नेता किरीट सोमैया भी मौके पर पहुंचे. सोसाइटी के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया. बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा कि सोसाइटी में रखी आधी बकरियां हटा दी गई हैं और बाकी को भी जल्द हटा दिया जाएगा. ये मामला उस वक्त ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब कुछ लोग पिंक पिग यानी सुअर लेकर पहुंचे. 

'बकरियों का जवाब सुअर से'
पुलिस को आशंका थी कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए तुरंत कार्रवाई की गई. पुलिस और VHP कार्यकर्ताओं के बीच सुअर को लेकर खींचतान हुई. इस दौरान सुअर जमीन पर गिरकर भाग गया, लेकिन एक पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया. हंगामे के बीच ऑटो चालक मौके से फरार हो गया. पूरे विवाद के बीच नेताओं के बयान भी चर्चा में आ गए.

बोरीवली से BJP विधायक संजय उपाध्याय ने बकरियों के गैर-कानूनी वध के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, ''यदि माइनॉरिटी कम्युनिटी संविधान और शरिया को नहीं मानती है तो हम बकरियों का जवाब सुअरों से देंगे. कई जगह बड़ी संख्या में बकरियां लाई जा रही हैं''

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सोसायटी और चॉल में लगे कुर्बानी पर प्रतिबंध
उन्होंने दावा किया कि कई हाउसिंग सोसाइटी में दूसरे समुदायों के लोग परेशान हैं. उन्होंने मीरा रोड और बोरीवली की घटनाओं का भी जिक्र किया. मुंबई की मेयर रितु तावड़े और अन्य BJP नेताओं ने BMC से मांग की है कि बकरीद के दौरान हाउसिंग सोसाइटी और चॉल में बकरों की कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए. 

हालांकि BMC के पास पहले से धार्मिक जानवरों के वध को लेकर नियम मौजूद हैं, लेकिन नेताओं का कहना है कि रिहायशी इलाकों में खुले तौर पर बकरियां लाई जा रही हैं. उधर, मीरा रोड से शिवसेना विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने मामले में संयम बरतने की अपील की है.  प्रताप सरनाईक ने कहा, ''कुछ लोग ऐसी सोसाइटी में बकरियां लाते हैं जहां दूसरे समुदाय के लोग भी रहते हैं. उन्हें दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. मीरा रोड के लोग समझदार हैं, लेकिन बाहर से आने वाले कुछ नेता माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.''

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आज़मी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ''कोई गैर-कानूनी कुर्बानी नहीं होनी चाहिए. सोसाइटी में जगह को ढकने के बाद परमिशन दी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने इसका भरोसा दिया है. यदि कोई नेता राज्य सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ बयान देता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.''

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