47 साल की उम्र में 31 साल बाद दिया 10वीं का एग्जाम, जानें मोहम्मद जमील ने ऐसा क्यों किया

महाराष्ट्र के वाशिम जिले के रिसोड में रहने वाले 47 वर्षीय मोहम्मद जमील ने 31 साल बाद फिर से दसवीं की परीक्षा दी. गादी बनाने का काम करने वाले जमील पहले इंग्लिश, मराठी और मैथेमेटिक्स में फेल हो गए थे. बेटों की पढ़ाई से प्रेरित होकर उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और आगे भी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई.

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मोहम्मद जमील ने 47 साल की उम्र में दी 10वीं की परीक्षा (Photo: Zaka B.Khan/ITG) मोहम्मद जमील ने 47 साल की उम्र में दी 10वीं की परीक्षा (Photo: Zaka B.Khan/ITG)

ज़का खान

  • वाशिम ,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:08 PM IST

कहते हैं कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और अगर इंसान ठान ले तो वह अपनी मंजिल जरूर हासिल कर सकता है. महाराष्ट्र के वाशिम जिले से ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने 47 साल की उम्र में फिर से दसवीं की परीक्षा दी.

वाशिम जिले के रिसोड शहर में रहने वाले मोहम्मद जमील ने उम्र के 47 वर्ष में दसवीं की परीक्षा देकर अपने जान पहचान वालों को हैरान कर दिया. पेशे से गादी बनाने का काम करने वाले मोहम्मद जमील ने करीब 31 साल पहले दसवीं की परीक्षा दी थी. उस समय वह इंग्लिश, मराठी और मैथेमेटिक्स के पेपर में फेल हो गए थे. इस असफलता से नाराज होकर उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और गादी बनाने का काम शुरू कर दिया.

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31 साल पहले दसवीं में फेल होने के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई

समय बीतता गया और पढ़ाई से उनका रिश्ता पूरी तरह टूट गया. लेकिन 31 साल बाद उनके मन में एक बार फिर दसवीं कक्षा पास करने की इच्छा जगी. इसके बाद उन्होंने उन्हीं विषयों की परीक्षा देने का फैसला किया जिनमें उन्हें पहले असफलता मिली थी. उन्होंने इंग्लिश, मराठी और मैथेमेटिक्स के पेपर दोबारा दिए.

मोहम्मद जमील के तीन बेटे हैं. उनका बड़ा बेटा पुणे में इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहा है. दूसरा बेटा नीट की तैयारी कर रहा है, जबकि छोटा बेटा आने वाले सत्र में दसवीं कक्षा में जाएगा. मोहम्मद जमील ने आजतक को फोन पर बताया कि उनके बेटे अच्छी पढ़ाई कर रहे हैं. उन्हें लगा कि कहीं कोई उनके बेटों से यह न कहे कि उनके पिता कम पढ़े लिखे हैं. इसी सोच ने उन्हें 31 साल बाद फिर से दसवीं की परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया.

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पत्नी और जान पहचान वालों ने बढ़ाया हौसला

उन्होंने बताया कि उनके परिवार और जान पहचान के लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया. खास तौर पर उनकी पत्नी ने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया. अब दसवीं पास करने के बाद वह आगे भी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा रखते हैं.
 

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