महाराष्ट्रः जातियों के नाम पर नहीं होंगे बस्तियों के नाम, उद्धव सरकार का फैसला

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में जाति के आधार पर कॉलोनियों और बस्तियों का नाम हटाने का फैसला किया है. राज्य के सामाजिक न्याय मंत्रालय ने यह प्रस्ताव दिया था जिसे कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी दे दी.

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

साहिल जोशी

  • मुंबई,
  • 02 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST
  • जातियों के नाम पर नहीं होंगे बस्तियों के नाम
  • महाराष्ट्र की उद्धव कैबिनेट ने लिया फैसला
  • सामाजिक न्याय मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में जाति के आधार पर कॉलोनियों और बस्तियों का नाम हटाने का फैसला किया है. राज्य के सामाजिक न्याय मंत्रालय ने यह प्रस्ताव दिया था जिसे कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी दे दी. 

महाराष्ट्र कैबिनेट ने उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी, जिसमें राज्य में उन सभी कॉलोनियों और बस्तियों का नाम बदलने की बात कही गई थी, जिनके नाम जातियों पर आधारित हैं.  

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इस बीच, बीजेपी नेता अतुल भातखलकर ने उद्धव सरकार पर आरोप लगाया कि "हिंदू विरोधी" राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा फॉर्म से हिंदू शब्द को हटा दिया है. उन्होंने चुनौती दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर इसे बहाल नहीं किया गया तो बीजेपी ऐसे कागज जला देगी.

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हाल ही में महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच ‘अजान’ राजनीतिक खींचतान का मुद्दा बन गया था. दक्षिण मुंबई से शिवसेना के नेता पांडुरंग सपकाल ने अपने इलाके में मुस्लिम बच्चों के लिए अजान की प्रतियोगिता आयोजित कराई थी. इसे लेकर बीजेपी ने पांडुरंग पर निशाना साधा था.

बीजेपी का कहना था कि सत्ता के लिए शिवसेना अपना हिंदुत्व छोड़ रही है. जबसे उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है. बीजेपी शिवसेना को सबसे ज्यादा ये कहकर घेरती है कि उसने अपनी हिंदुत्व की विचारधारा सत्ता के लिए त्याग दी.

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