महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. AIMIM नेता इम्तियाज जलील के बयान पर राज्य के मंत्री नितेश राणे ने कड़ा पलटवार किया है. नितेश राणे ने कहा कि 'शायद हरा सांप अपना इतिहास भूल गया है.'
उन्होंने कहा, 'जिन औरंगजेब और टीपू सुल्तान ने महाराष्ट्र को जीतने का सपना देखा था, उन्हें इसी धरती में दफन किया गया और यह काम छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज ने किया.' राणे ने कहा कि जो भी हिंदू राष्ट्र को हराने का सपना देखेगा, महाराष्ट्र का हिंदू उसे औरंगजेब की कब्र के पास दफन करेगा और महाराष्ट्र हमेशा भगवा ही रहेगा.
कहां से शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने शनिवार को अपनी पार्टी की नेता सहर शेख के बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि 'AIMIM सिर्फ मुंब्रा ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र को हरा रंग देगी'. सहर शेख ने 15 जनवरी को ठाणे नगर निगम चुनाव में वार्ड 30 से जीत के बाद कहा था कि अगले पांच साल में मुंब्रा के सभी उम्मीदवार AIMIM के होंगे और 'मुंब्रा को पूरी तरह हरा किया जाएगा.'
इस बयान के बाद बीजेपी और शिवसेना ने कड़ा विरोध जताया. मुंब्रा पुलिस ने सहर शेख के बयान को भड़काऊ बताते हुए उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत नोटिस जारी किया और सार्वजनिक मंच से संयम बरतने की हिदायत दी.
'पीछे नहीं हटेगी AIMIM'
इम्तियाज जलील ने इस कार्रवाई को पुलिस का ‘सेलेक्टिव एक्शन’ बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और अजित पवार गुट की एनसीपी के नेता भी अक्सर भड़काऊ बयान देते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. जलील ने कहा कि AIMIM इस दबाव से पीछे नहीं हटेगी और महाराष्ट्र में अपना राजनीतिक विस्तार जारी रखेगी.
विद्या