महाराष्ट्र के गोंदिया में एक दर्दनाक हादसे में तेंदुए की मौत हो गई. यह घटना रविवार की रात करीब 1:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर नैनपुर-डुग्गीपार रोड के पास हुई. यह एरिया सादक अर्जुनी वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने सड़क पार कर रहे तेंदुए को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
एजेंसी के अनुसार, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के शव को बरामद किया. अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए के मुंह से खून बह रहा था, जिससे स्पष्ट है कि टक्कर काफी तेज थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा उस समय हुआ, जब तेंदुआ जंगल से निकलकर सड़क पार कर रहा था.
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यह इलाका वन्यजीवों की आवाजाही के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है. यह क्षेत्र नवेगांवबांध और नागझिरा वन्यजीव अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है, जहां अक्सर जंगली जानवरों की गतिविधि देखी जाती है. ऐसे में रात के समय तेज रफ्तार वाहनों का चलना वन्यजीवों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है.
रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर मिथु तारोने ने कहा कि मृत तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार या अवैध गतिविधि की आशंका नहीं है. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तेंदुए के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हाईवे पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए वाहन चालकों को सतर्क रहने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की आवश्यकता है.
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