लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद: स्टोर में घुसकर कर्मचारियों को तिलक लगा गईं ये मुस्लिम महिला

मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित लेंसकार्ट शोरूम में ड्रेस कोड को लेकर विवाद हो गया. हिंदू संगठनों ने नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों को तिलक और कलावा पहनाया. इस दौरान एक कर्मचारी ने दावा किया कि कंपनी तिलक, कलावा और मंगलसूत्र पर रोक लगाती है. खुलासे के बाद हंगामा बढ़ गया और शोरूम मैनेजर से जवाब मांगा गया. संगठनों ने जांच पूरी होने तक शोरूम बंद करने की मांग की है.

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हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया. (Photo: Screengrab) हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

मुंबई के अंधेरी वेस्ट से एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां लेंसकार्ट के शोरूम में जमकर हंगामा हुआ. हिंदू संगठनों ने शोरूम में पहुंचकर 'जय श्रीराम' के नारे लगाए, कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा. सनातन परंपराओं की समर्थक और बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान लेंसकार्ट स्टोर पहुंच गईं और वहां उन्होंने कर्मचारियों का टीका लगाया. इस दौरान एक कर्मचारी ने चौंकाने वाला खुलासा भी किया, जिसके बाद मामला और गरमा गया.

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नाजिया इलाही के नेतृत्व में कुछ लोग शोरूम के अंदर पहुंचे. यहां हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया और उनके हाथों में कलावा बांधा, साथ ही 'जय श्रीराम' के नारे भी लगाए गए.

इसी दौरान शोरूम में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि कंपनी की ट्रेनिंग के दौरान उन्हें तिलक लगाने और कलावा पहनने पर प्रतिबंध बताया गया है. इतना ही नहीं, महिला कर्मचारियों को शादीशुदा होने के बावजूद मंगलसूत्र पहनने की भी अनुमति नहीं दी जाती.

इस खुलासे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश बढ़ गया और शोरूम के मैनेजर मोशीन खान से जवाब मांगा गया. हालांकि, मैनेजर इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. हिंदू संगठनों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए शोरूम को तत्काल बंद करने की मांग की है. उनका कहना है कि पहले इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए, उसके बाद ही शोरूम का संचालन किया जाए.

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फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. क्या कंपनी की पॉलिसी में वाकई इस तरह के नियम हैं या यह सिर्फ आरोप हैं, इसका सच सामने आना अभी बाकी है.

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इनपुट- शिव शंकर तिवारी

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