पुणे-मुंबई यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेस-वे पर बीते 15-16 घंटे से यातायात ठप है. यहां आडोशी सुरंग के पास एक टैंकर पलटा हुआ है, जिससे हालात भयावह बने हुए हैं. टैंकर से लगातार प्रोफिलिन गैस निकल रहा है. सुरक्षा कारणों से मुंबई की ओर जाने वाली लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की कतारें लग गई हैं. हजारों वाहन चालक फंसे हुए हैं. कई लोग सुबह 4 बजे से, तो कुछ रात 3 या 5 बजे से इसी जगह पर अटके हुए हैं. जाम के कारण कई यात्रियों की फ्लाइट तक छूट गई.
मौके पर पानी, भोजन और टॉयलेट की व्यवस्था न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों की मांग है कि प्रशासन तुरंत ठोस कदम उठाए और महामार्ग को जल्द से जल्द शुरू करे. 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे खंडाला घाट के आडोशी सुरंग के पास मुंबई की ओर जाने वाली लेन पर केमिकल से भरा एक टैंकर पलट गया.
टैंकर से गैस रिसाव हो रहा है, जिससे इलाके में खतरे की स्थिति बनी हुई है. हादसे के बाद सभी संबंधित विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं. सुरक्षा कारणों से मुंबई की ओर से आने वाले ट्रैफिक को बंद कर दिया गया है. इसका असर पुणे-मुंबई और मुंबई-पुणे दोनों दिशाओं में देखने को मिल रहा है.
इस मार्ग पर 15 किलोमीटर से ज्यादा लंबी कतारें लग गई हैं. भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति है. प्रशासन के अनुसार, आज दोपहर 2 बजे तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना जताई जा रही है. वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों से जाने की अपील की गई है.
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महामार्ग पुलिस के तानाजी चीखले ने कहा कि गैस टैंकर से हो रहे रिसाव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मुंबई लेन पूरी तरह बंद की गई है. एनडीआरएफ, बीपीसीएल और अन्य राहत टीमें मौके पर युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं. स्थिति नियंत्रण में लाने की पूरी कोशिश की जा रही है. जब तक गैस लीकेज पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक यातायात में रुकावट बनी रह सकती है. वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है.
एक अन्य प्रवासी ने कहा कि मैं बीड से आया हूं और मुंबई जा रहा हूं. पिछले 15 घंटों से ट्रैफिक में फंसा हुआ हूं. क्या प्रशासन के पास कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है? यही मेरा सवाल है. इस महामार्ग से मरीज, जरूरी कामों से जाने वाले नागरिक गुजरते हैं, लेकिन यहां कोई भी व्यवस्था नहीं है. न चाय है, न पानी. छोटे-छोटे बच्चे साथ हैं और सभी को भारी परेशानी हो रही है. मेरी प्रशासन से मांग है कि तुरंत युद्ध स्तर पर कार्रवाई कर महामार्ग को जल्द से जल्द शुरू किया जाए.
मुंबई जा रहे एक अन्य यात्री ने कहा कि प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई. ट्रैफिक जाम लगने के बाद पुराने हाइवे से वैकल्पिक मार्ग निकाला जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया. इस जाम में मरीज भी फंसे हुए हैं. सरकार तेज और सुगम यात्रा के नाम पर टोल वसूलती है. आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय होनी चाहिए. पुणे-मुंबई महामार्ग पर अक्सर ट्रैफिक जाम होता है. हमने टोल भरकर यात्रा शुरू की और अब इसी जाम में फंसे हुए हैं. तो क्या हमारा टोल वापस किया जाएगा? हम पैसे देकर यहां फंसे हैं. यही सबसे बड़ा सवाल है.
मुंबई जा रहे एक यात्री ने कहा कि मैं लातूर से आया हूं. एक दोस्त को साथ लेकर निकला हूं. हमारी कार में कैंसर का मरीज है, जिसे मुंबई के टाटा अस्पताल में सुबह 8 बजे पहुंचना था. हम रात 10 बजे लातूर से निकले थे, लेकिन सुबह 4 बजे से ट्रैफिक जाम में फंसे हुए हैं. अब हालात ऐसे हैं कि समय पर वहां पहुंचना संभव ही नहीं लग रहा. यह हमारे लिए बेहद गंभीर और दर्दनाक स्थिति है. हादसे के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने राहत और सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं. मौके पर पुलिस, रेस्क्यू टीम और फायर ब्रिगेड की टीम है.
श्रीकृष्ण पांचाल