IVF सेंटर में फीमेल एग का स्मगलिंग रैकेट, पत्नी के नाम से गोरखधंधा चला रहा नासिक का डेंटिस्ट गिरफ्तार

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से संचालित अंतरराज्यीय महिला एग स्मगलिंग रैकेट की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस मामले में नासिक के एक डेंटिस्ट को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर अपनी पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड आईवीएफ सेंटर का इस्तेमाल अवैध सरोगेसी कॉन्ट्रैक्ट और महिला अंडाणु तस्करी के लिए करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सैकड़ों महिलाओं का शोषण किया.  

Advertisement
IVF सेंटर में फीमेल एग का स्मगलिंग रैकेट (Photo: representational image) IVF सेंटर में फीमेल एग का स्मगलिंग रैकेट (Photo: representational image)

aajtak.in

  • ठाणे,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:02 AM IST

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से संचालित अंतरराज्यीय महिला एग स्मगलिंग रैकेट के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस बार नासिक के एक डेंटिस्ट को हिरासत में लिया गया है, जिस पर अपनी पत्नी के नाम से पंजीकृत आईवीएफ सेंटर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए करने का आरोप है.

पत्नी के नाम पर है IVF सेंटर

Advertisement

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डॉ. अमोल पाटिल के रूप में हुई है, जो नासिक के मुंबई नाका इलाके में ‘मालती आईवीएफ सेंटर’ का संचालन करता है. जांच में सामने आया कि सेंटर आधिकारिक रूप से उसकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन इसका उपयोग अवैध सरोगेसी कॉन्ट्रैक्ट और महिला अंडाणुओं की तस्करी के लिए किया जा रहा था.

डेंटिस्ट समेत 6 गिरफ्तार

एजेंसी के अनुसार, पुलिस ने डॉ. पाटिल को मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया. बुधवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 9 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में पुलिस हिरासत में आरोपियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. इससे पहले सुलक्षणा गाडेकर, अश्विनी चाबुकस्वर, मंजूषा वानखेड़े, सोनल गरेवाल और सुमित सोनकांबले को गिरफ्तार किया जा चुका है.

Advertisement

पैसे का लालच देकर एग डोनेशन

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह जरूरतमंद महिलाओं को पैसे का लालच देकर उनसे कई बार अंडाणु दान करवाता था. इसके लिए फर्जी आधार कार्ड और नकली पहचान पत्र तैयार किए जाते थे, ताकि एक ही महिला को अलग-अलग नामों से कई बार डोनर दिखाया जा सके और कानूनी नियमों को दरकिनार किया जा सके.

500 से ज्यादा महिलाओं का शोषण

अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी के दौरान करीब 15 लाख रुपये की दवाइयां और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं. प्राथमिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए 500 से ज्यादा महिलाओं का शोषण किया गया हो सकता है. महिलाओं को एक बार अंडाणु देने के बदले सिर्फ 25 से 30 हजार रुपये दिए जाते थे, जबकि इन्हीं अंडाणुओं को लाखों रुपये में बेचा जाता था.

 फोन में महिलाओं की तस्वीरें और सोनोग्राफी रिपोर्ट

उल्हासनगर के डीसीपी सचिन गोरे ने बताया कि मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए तीन पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं. गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महिलाओं की तस्वीरें, फर्जी एफिडेविट और सोनोग्राफी रिपोर्ट भी बरामद हुई हैं. पुलिस अब ठाणे और आसपास के जिलों में स्थित अन्य आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों की भी जांच कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार में शामिल बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement