त्योहारी सीजन में यात्री रहें अलर्ट! इस शहर में हवाई टिकट से भी महंगा हुआ बस का किराया

त्योहार के सीजन में बसों और ट्रेनों में यात्रियों की बेहिसाब भीड़ बढ़ जाती है. कई बार तो लोगों को अपने घर जाने के लिए टिकट तक नहीं मिल पाता. ऐसे में यात्री मजबूरी में प्राइवेट ट्रैवल एजेंसियों की बसों में टिकट बुक कराते हैं. यात्रियों की भीड़ को देखते हुए ट्रैवल एजेंसी बसों का किराया भी बढ़ा देती हैं. अब ऐसा ही कुछ पुणे में हुआ है.

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Bus fare higher than airplane ticket (Representational Image) Bus fare higher than airplane ticket (Representational Image)

पंकज खेळकर

  • पुणे,
  • 11 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST

त्योहारों के सीजन में बस अड्डे, रेलवे जैसी जगहों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है. जैसे-जैसे दिवाली और छठ का त्योहार करीब आ रहा है, बसों और ट्रेनों में टिकट बुक करवाने वालों की भीड़ भी बढ़ रही है. इसी बीच महाराष्ट्र के पुणे में बस टिकट के दाम फ्लाइट के टिकट से भी ज्यादा कर दिए गए हैं. पुणे में लग्जरी बस का किराया 3500 से अधिक हो गया है जो कि तो एक एडवांस में बुक किए हवाई जहाज के टिकट से अधिक है. 

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दिवाली और छठ के दौरान बस और ट्रेनों में सफर के लिए बुकिंग शुरू हो गई है. ऐसे में कुछ ट्रेनों और बसों में सीटें नहीं मिल रहीं तो कुछ लोग लग्जरी बसों में महंगी टिकट बुक करा रहे हैं. आजतक से बातचीत में यात्रियों ने बताया कि लग्जरी बसों का किराया बहुत ज्यादा है. सरकार को इसमें दखल देना चाहिए. यात्रियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर सीमित संख्या में ट्रेनें उपलब्ध हैं, जिसके चलते प्राइवेट बस से सफर करना पड़ रहा है. एक और यात्री ने बताया कि इतना महंगा किराया वसूलना अनुचित है. हमारे लिए खर्चा मैनेज करना बहुत मुश्किल है. लेकिन दिवाली है और घर जाना जरूरी है तो इसलिए हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है. 

वहीं, बसों के महंगे किराय पर  ट्रैवल एजेंसी के मालिक ने बताया कि निजी बस एजेंसी बहुत बड़ा व्यवसाय है. लेकिन ये व्यवसाय नजरअंदाज रहता है. हर रोज लगभग 1500 लग्जरी बसें पुणे शहर से महाराष्ट्र के विभिन्न कोनों में जाती हैं. उन्होंने आगे बताया कि नागपुर के एक तरफ की ट्रिप पर एक बस में 40 हजार रुपए खर्च होते हैं और उत्सव के दौरान, बसें कम से कम यात्रियों या बिना यात्रियों के ही बेस पर लौटती हैं. इसलिए हमें त्योहारों के सीजन में बसों का किराया बढ़ाना पड़ता है. 

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ट्रैवल एजेंसी मालिक ने यह भी कहा कि जब हम मॉनसून के दौरान अपनी सेवाएं चलाते हैं, तो हमें नुकसान का सामना करना पड़ता है, उस समय किसी को हमारी चिंता नहीं होती है. वहीं, हवाई टिकटों की बात करें तो त्योहारों के मौसम में उसके रेट्स और बढ़ जाते हैं. त्योहारों के सीजन में यात्रियों और ट्रैवल एजेंट्स की अपनी-अपनी समस्याएं होती हैं. 

 

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