महाराष्ट्रः मराठा आरक्षण को लेकर CM ठाकरे ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आज शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. यह बैठक शाम को होगी.

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (File-PTI) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (File-PTI)

कमलेश सुतार

  • मुंबई,
  • 03 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 12:11 AM IST
  • मराठा और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर शाम को होगी चर्चा
  • पिछले हफ्ते भी आरक्षण के मुद्दे पर हुई थी सर्वदलीय बैठक
  • SC के फैसले के मद्देनजर बुलाई गई थी यह सर्वदलीय बैठक

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में मराठा और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए आज शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. मुख्यमंत्री ठाकरे पिछले हफ्ते भी आरक्षण के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. यह बैठक कल शाम को होगी. 

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले हफ्ते 27 अगस्त को भी स्थानीय निकाय चुनावों में कोटा रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. 

तब बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि जब तक ओबीसी आरक्षण बहाल नहीं किया जाता, महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराए जाएं. सभी दल इस बात पर सहमत हुए कि ओबीसी को स्थानीय निकायों में राजनीतिक आरक्षण मिलना चाहिए.

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस संबंध में कई राजनीतिक दलों से राय मांगी थी. उन्होंने कहा कि यह सभी की राय थी कि स्थानीय निकाय चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के नहीं होने चाहिए. उन्होंने कहा कि वह आने वाले दिनों में बैठक में प्राप्त सुझावों और विकल्पों का अध्ययन करेंगे और इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे.

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उद्धव ठाकरे ने आरक्षण पर चर्चा के लिए पार्टी के सभी नेताओं की उपस्थिति का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण की मांग पर सभी दलों को एकजुट और एकमत रहना चाहिए.

इससे पहले मराठा आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 5 मई को एक आदेश दिया था. कोर्ट के इस आदेश में कहा गया कि राज्यों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरी और दाखिला देने में आरक्षण देने का अधिकार नहीं है. इसके लिए जजों ने संविधान के 102वें संशोधन का हवाला दिया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मराठों को ओबीसी में शामिल कर आरक्षण देने के फैसले पर भी रोक लगा दी थी.

 

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