महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटी ने अपनी पसंद की शादी करने और पिता की पुलिस की नौकरी हासिल करने के लिए खौफनाक साजिश रची. यह राज पूरे तीन साल तक दबा रहा, लेकिन एक आपसी विवाद के बाद जब पति ने पुलिस स्टेशन जाकर खुद पोल खोली, तो विभाग के पैरों तले जमीन खिसक गई.
दरअसल, भद्रावती की रहने वाली आर्या बल्लावार का प्रेम संबंध आशीष शेडमाके के साथ था. आर्या के पिता हेड कांस्टेबल जयंत बल्लावार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. पिता के विरोध से तंग आकर आर्या और आशीष ने उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला किया.
25 अप्रैल 2023 को आर्या ने अपने पिता को मिल्कशेक में जहर मिलाकर पिला दिया. ड्यूटी पर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उस समय इसे एक साधारण मौत मानकर मामला दब गया.
कत्ल के बाद हासिल की 'वर्दी' और 'प्यार'
पिता की मौत के बाद आर्या को अनुकंपा के आधार पर पुलिस विभाग में नौकरी मिल गई. साल 2025 में ट्रेनिंग पूरी कर वह कांस्टेबल बन गई.
उधर, आशीष भी 2024 में अपने पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के जरिए पुलिस में भर्ती हुआ था, लेकिन अनुशासनहीनता के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया था. पिता की मौत के बाद दोनों ने शादी कर ली और साथ रहने लगे.
ऐसे फूटा 'पाप का घड़ा'
शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. आशीष को नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बाद आर्या उसे सम्मान नहीं दे रही थी और अपने मायके चली गई थी.
इसी गुस्से में आकर आशीष ने रामनगर पुलिस स्टेशन जाकर सारा सच उगल दिया. उसने बताया कि कैसे उसने जहर का इंतजाम किया और आर्या ने अपने ही पिता को मौत की नींद सुला दिया. देखें VIDEO:-
इनका कहना
चंद्रपुर SDOP प्रमोद चौगुले के अनुसार, इस मामले में आर्या, आशीष और जहर दिलाने में मदद करने वाले चैतन्य उर्फ मोंटी सहित एक नाबालिग के खिलाफ हत्या IPC 302 और साजिश 120B के तहत मामला दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस घटना ने पुलिस विभाग को भी सकते में डाल दिया है, क्योंकि आरोपी खुद भी विभाग का हिस्सा थे.
विकास राजूरकर