पुणे की खड़क पुलिस ने एक बोरवेल ठेकेदार और एक मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है. आरोप है कि शिवाजी रोड के पास बोरवेल की खुदाई के काम से पुणे मेट्रो की जमीन के नीचे बनी सुरंग को नुकसान पहुंचा है.
यह घटना 14 मार्च को हुई थी. उस समय शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन और स्वारगेट मेट्रो स्टेशन के बीच चल रहे मेट्रो कॉरिडोर के ठीक ऊपर एक निजी जमीन पर बोरवेल की खुदाई की जा रही थी.
बताया जा रहा है कि खुदाई की वजह से सुरंग के अंदरूनी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जिसमें करीब 6 इंच व्यास का एक छेद भी बन गया.
100 फीट नीचे पहुंचा ड्रिलर
अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो की सुरंग जमीन की सतह से लगभग 80 से 100 फीट नीचे है. मंडई मेट्रो स्टेशन के पास सुरंग में यह छेद मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं.
पुलिस की कार्रवाई
महामेट्रो के अधिकारी शांतनु गोरात्रा ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस ने ठेकेदार और जमीन के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया.
खड़क पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शशिकांत चव्हाण ने इस बात की पुष्टि की है कि आगे किसी भी खतरे को रोकने के लिए बोरवेल के मुहाने को जमीन की सतह पर और सुरंग के अंदर, दोनों ही जगहों पर सील कर दिया गया है.
जानते हुए भी किया खिलवाड़!
उन्होंने आगे बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि उनकी जमीन के नीचे से मेट्रो लाइन गुजर रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने खुदाई जारी रखी, जिसके चलते सुरंग की छत को नुकसान पहुंचा.
संवेदनशील इलाकों के लिए जारी होगी एडवाइजरी
इस बीच, महामेट्रो के जनसंपर्क विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए भूजल विभाग और स्थानीय नगर निकायों के साथ तालमेल बिठाने का काम शुरू कर दिया गया है.
अधिकारी मेट्रो सुरंग के रास्ते में पड़ने वाले संवेदनशील इलाकों को चिह्नित करने और वहां रहने वाले लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने की भी योजना बना रहे हैं.
हालांकि, मकान मालिक ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है. उनका दावा है कि ज़मीन पर बनी पुरानी इमारत बहुत ज्यादा जर्जर हो चुकी थी, इसलिए उसे गिरा दिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि खुदाई का काम सिर्फ एक पहले से मौजूद पाइप को साफ़ करने तक ही सीमित था.
उनके मुताबिक, उन्हें सिर्फ 24 फीट की कम गहराई पर ही पानी मिल गया था, इसलिए उन्होंने कोई गहरी खुदाई नहीं की थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेट्रो के अधिकारी अगले दिन मौके पर पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने से पहले ही उन्होंने पाइप को सील कर दिया. मकान मालिक का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनकी खुदाई से मेट्रो की सुरंग को कोई नुकसान पहुंचा है.
ओमकार