महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के आए रुझानों के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे गुट और राज ठाकरे की पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला है. खास तौर पर उन्होंने राज ठाकरे की राजनीति और उनके एजेंडे पर सवाल खड़े किए है जो अक्सर उत्तर भारतीयों और बिहार-यूपी के लोगों को निशाने पर लेते रहे हैं.
'जो मुंबई हित की बात करेगा, वही मुंबई पर राज करेगा'
संजय निरुपम ने दो टूक शब्दों में कहा, 'जो मुंबई हित की बात करेगा, वही मुंबई पर राज करेगा.' उन्होंने कहा कि नई सदी का एक चौथाई हिस्सा गुजर चुका है और इस दौरान मुंबई बहुत आगे बढ़ चुकी है. आज की मुंबई भाषा और प्रांत के झगड़ों से कहीं ऊपर उठ चुकी है. निरुपम ने कहा कि अब मुंबईकरों को स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और साफ-सुथरा चमकता शहर चाहिए, न कि नफरत और विभाजन की राजनीति.
'विकास ही मुंबईकरों का एजेंडा'
उन्होंने बिना नाम लिए राज ठाकरे की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा, 'ज़हर से भरे विचार और दूर्गंधपूर्ण नैरेटिव अब मुंबई को मंज़ूर नहीं.' संजय निरुपण का यह बयान सीधे तौर पर उन राजनीतिक दलों पर निशाना माना जा रहा है, जो भाषा, क्षेत्र और पहचान की राजनीति को आगे बढ़ाते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में मुंबईकरों ने साफ संदेश दे दिया है कि उनका एजेंडा अब सिर्फ एक है 'विकास, विकास और सिर्फ विकास.'
कैसा रहा राज और उद्धव ठाकरे का प्रदर्शन
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में अगर अब तक आए रुझानों की बात करें तो मुंबई की 227 सीटों में से शिवसेना (यूबीटी) ने 63 सीटों पर बढ़त बनाई है जबकि राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस सिर्फ 06 सीटों पर बढ़त बना पाई है.
पूरे महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव के परिणामों में शिवसेना ( उद्धव गुट) सिर्फ 110 सीटों पर और राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस 12 सीटों पर आगे हैं. इस बार दोनों भाई राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ चुनाव लड़ थे.
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