2024 के लोकसभा चुनाव से पहले चर्चा है कि बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन में सबकुछ सही नहीं चल रहा है. ठाणे से बीजेपी विधायक संजय केलकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे की कल्याण लोकसभा सीट पर दावा ठोक दिया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी की मदद के बगैर ठाणे से कोई भी चुनकर नहीं आ सकता. केलकर ने कल्याण के साथ-साथ ठाणे और पालघर लोकसभा सीट पर भी बीजेपी का वर्चस्व होने की बात कही है.
उन्होंने कहा कि कल्याण और ठाणे जब एक ही लोकसभा चुनाव क्षेत्र था, तब से वहां पर बीजेपी के आला नेता चुनकर आ रहे थे. रामभाऊ म्हालगी और जगन्नाथ पाटिल वहां से सांसद रह चुके हैं. पालघर से चिंतामन वनगा 9 बार लड़े और 4 बार चुनकर आए हैं. वहां बीजेपी ने कांग्रेस और कम्युनिस्टों से काफी संघर्ष किया है. बड़ा हिट देखते हुए यह सीटें शिवसेना को दे दी गई थीं. हालांकि, हमारे कार्यकर्ताओं भी ताकत के साथ वहां खड़े हैं.
उन्होंने आगे कहा,'शिवसेना से दावा किया जा रहा है तो हमारे कार्यकर्ताओं की भी भावना है कि हम अपनी ताकत क्यों ना आजमाएं. हम मोदीजी के सैनिक हैं और उनका हाथ मजबूत करने के लिए जो करना पड़े वह करेंगे. लेकिन हमारे इस भूमिका का फायदा महाविकास आघाडी को कभी नहीं मिल पाएगा.' उन्होंने कहा कि बीजेपी की शिवसेना के साथ प्रतिस्पर्धा के साथ समन्वय भी है. हमारे शीर्षस्थ नेताओं का जो आदेश आएगा उस काम में हम पूरी मेहनत से जुट जाएंगे.
राजनीति करने का लगाया था आरोप
इससे पहले कल्याण लोकसभा सीट से सांसद श्रीकांत शिंदे ने बीजेपी के कुछ नेताओं पर शिवसेना-बीजेपी गठबंधन को कमजोर कर स्वार्थी राजनीति करने का आरोप लगाया था. श्रीकांत शिंदे की ये प्रतिक्रिया उस प्रस्ताव के बाद आई थी, जिसे हाल ही में बीजेपी नेताओं की स्थानीय इकाई द्वारा कल्याण लोकसभा क्षेत्र में आयोजित एक बैठक में पारित किया गया था. इसमें फैसला किया गया था कि इस सीट पर बीजेपी शिवसेना का समर्थन नहीं करेगी. शिवसेना सांसद श्रीकांत ने कहा था कि 2024 में हम और देश के सभी लोग नरेंद्र मोदी को इस देश के प्रधानमंत्री के रूप में दोबारा चुनना चाहते हैं. हम इसके लिए भरसक प्रयास करेंगे. लेकिन डोंबिवली के कुछ नेता किन्हीं कारणों से शिवसेना-बीजेपी गठबंधन में नमक छिड़कने की स्वार्थी राजनीति कर रहे हैं.
जो भी उम्मीदवार होगा प्रचार करेंगे
उन्होंने कहा था कि मैं व्यक्तिगत रूप से किसी पद की आकांक्षा नहीं रखता. आगामी लोकसभा चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाना है, इसका फैसला शिवसेना-बीजेपी गठबंधन के वरिष्ठ नेता करेंगे. अगर मेरा नामांकन नहीं भी होता है तो जो भी उम्मीदवार होगा, हम उसके लिए प्रचार करेंगे और उसे जिताएंगे.
ऋत्विक भालेकर