महाराष्ट्र के बीड शहर में पुलिस ने कार खरीदने का झांसा देकर वाहन मालिकों से ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह खुद को कार खरीदार बताकर लोगों से संपर्क करता था और थोड़ी सी रकम एडवांस में देकर गाड़ी अपने कब्जे में ले लेता था.
आरोपी वाहन मालिकों को भरोसा दिलाते थे कि जल्द ही बाकी पैसे दे दिए जाएंगे और गाड़ी से जुड़े सभी कागजी काम पूरे कर दिए जाएंगे. लेकिन गाड़ी हाथ लगते ही वे न तो बाकी रकम देते थे और न ही वाहन वापस करते थे. इस तरह कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया.
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शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
दरअसल, यह मामला तब सामने आया जब बीड़ के रहने वाले सचिन आसाराम बोराडे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि उनकी स्विफ्ट डिजायर कार इसी तरह ठगी कर ले जाई गई थी. शिकायत मिलते ही बीड़ पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर अमरावती जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुड्डू खान रहमत खान और अब्दुल राजिक अब्दुल सादिक के रूप में हुई है. पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद कर लिया है.
चोरी की कार से की जाती थी अन्य वारदातें
पुलिस के अनुसार, बरामद की गई कार का इस्तेमाल कथित तौर पर मवेशी चोरी की घटनाओं में भी किया जा रहा था. इससे यह साफ हुआ कि आरोपी सिर्फ वाहन हड़पने तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि उन गाड़ियों का इस्तेमाल अन्य अपराधों में भी कर रहे थे.
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को ठगा है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
वाहन मालिकों को पुलिस की सलाह
बीड़ पुलिस ने वाहन बेचने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर सौदा किसी बिचौलिए के जरिए भी हो रहा हो, तब भी खरीदार की पूरी जानकारी और पहचान की जांच जरूर करनी चाहिए.
पुलिस ने साफ तौर पर कहा कि जब तक पूरी रकम न मिल जाए और वाहन का रजिस्ट्रेशन व ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक गाड़ी किसी को न सौंपी जाए. थोड़ी सी लापरवाही वाहन मालिकों को बड़े नुकसान में डाल सकती है.
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