देवेंद्र फडणवीस ने नासिक में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अशोक खरात मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) लीक की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. साथ ही स्वयंभू बाबा बताए जा रहे आरोपी अशोक खरात की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कॉल डिटेल रिकॉर्ड हासिल करने का अधिकार नहीं है, यह केवल अधिकृत एजेंसियों के दायरे में आता है. सीडीआर कैसे लीक हुआ और इसके पीछे कौन है, इसकी गहराई से जांच राज्य सरकार कराएगी.
अशोक खरात की कई हाईप्रोफाइल लोगों से बातचीत होती थी. यह विवाद तब सामने आया जब सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने दावा किया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप पर अशोक खरात का सीडीआर मिला. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती, बल्कि ठोस सबूत जरूरी हैं.
फडणवीस ने यह भी बताया कि अशोक खरात की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच अब ईडी कर रही है. गौरतलब है कि खरात को 18 मार्च को एक महिला के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जांच के दौरान यौन शोषण और जमीन-जायदाद से जुड़े आर्थिक अनियमितताओं सहित कई अन्य अपराध भी सामने आए हैं.
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक इस मामले में करीब 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और विशेष जांच दल (एसआईटी) को लगातार नई जानकारियां मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा बढ़ने के कारण अधिक से अधिक लोग आगे आकर जानकारी साझा कर रहे हैं.
फडणवीस ने एसआईटी के काम की सराहना करते हुए कहा कि जांच तब तक जारी रहेगी जब तक इस पूरे मामले की जड़ तक नहीं पहुंचा जाता. महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी और इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में सभी की सहमति है.
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार ऐसे प्रयासों को कोई महत्व नहीं देगी.
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