अजित पवार ने खुद दिलाई थी जो एंबुलेंस, उसी में गया उनका पार्थिव शरीर... ड्राइवर के फूट पड़े आंसू

67 वर्षीय अजित पवार, जो एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे, के निधन से न सिर्फ पश्चिमी महाराष्ट्र बल्कि पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर है. बुधवार को एक विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी. गुरुवार को बारामती में उनका अंतिम संस्कार किया गया.

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अजित पवार का बारामती में उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया (Image: PTI) अजित पवार का बारामती में उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया (Image: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:11 PM IST

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की आकस्मिक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. बुधवार को एक विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई. हादसे के वक्त वह जिला परिषद चुनावों से पहले जनसभाओं में शामिल होने के लिए अपने गृहनगर बारामती जा रहे थे. 67 वर्षीय अजित पवार, जो एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे, के निधन से न सिर्फ पश्चिमी महाराष्ट्र बल्कि पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर है.

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इस त्रासदी के बीच एक ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं. जिस एंबुलेंस को अजित पवार ने खुद बारामती नगर परिषद के लिए सुनिश्चित कराया था, उसी एंबुलेंस में उनका पार्थिव शरीर अस्पताल से अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाया गया. यह एंबुलेंस अजित पवार ने बारामती के लोगों की सेवा के लिए छह महीने पहले ही नगर परिषद को दिलवाई थी.

अजित पवार के पार्थिव शरीर को ले जाने वाली एंबुलेंस को फूलों से सजाया गया था

एंबुलेंस चालक ने बयां की पीड़ा

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बारामती नगर परिषद के एंबुलेंस चालक नजीम काजी के लिए गुरुवार का दिन उनके जीवन का सबसे भारी दिन था. भावुक होते हुए नजीम ने बताया कि लगभग छह महीने पहले एक समाचार रिपोर्ट के जरिए अजित पवार को पता चला था कि बारामती नगर परिषद के पास दशकों पुरानी एंबुलेंस है. दादा ने तुरंत अधिकारियों की बैठक बुलाई और बिना किसी देरी के एक आधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

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नजीम ने रुंधे गले से याद किया, "अजित दादा ने जब यह एंबुलेंस सौंपी थी, तब उन्होंने मुझसे सिर्फ एक बात कही थी- 'अपना काम पूरी ईमानदारी से करना.' आज वो शब्द मेरे कानों में गूंज रहे हैं. मुझे क्या पता था कि जिस गाड़ी को उन्होंने लोगों की जान बचाने के लिए दिया था, एक दिन उसी एंबुलेंस में मुझे एक दिन उनका पार्थिव शरीर ले जाना पड़ेगा. यह मेरे जीवन का सबसे दुखद क्षण था.”

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

गौरतलब है कि बुधवार सुबह यह हादसा उस वक्त हुआ जब अजित पवार एक निजी चार्टर्ड विमान से बारामती पहुंच रहे थे. पुणे जिले के बारामती में स्थित टेबलटॉप हवाई पट्टी से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में सवार दोनों पायलटों समेत कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. लोकप्रिय नेता और ‘दादा’ के नाम से पहचाने जाने वाले अजित पवार का गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. 

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