महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जिस बॉम्बार्डियर लियरजेट-45 (VT-SSK) विमान से यात्रा कर रहे थे, उसके बिखरे हुए मलबे और राख के ढेर के सिवा अब बारामती एयरपोर्ट के टेबल-टॉप रनवे के किनारे कुछ भी नहीं बचा था. हादसे के बाद केवल विमान का पिछला हिस्सा (टेल) ही अपेक्षाकृत सलामत हालत में दिखाई दिया, जो जले हुए अवशेषों के बीच खड़ा था.
आग पर काबू पा लिया गया और दमकलकर्मी लौट गए, लेकिन दुर्घटनास्थल पर बुधवार दिनभर पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय लोगों, अधिकारियों, फॉरेंसिक टीम और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के कर्मियों की भीड़ जुट रही. जांच एजेंसियां अहम सबूत जुटाने में लगी थीं. रनवे से महज करीब 100 फीट दूर, जहां-तहां पेड़-पौधों और जंगली घास से घिरे इस बंजर इलाके को अब उस स्थान के रूप में याद किया जाएगा, जहां पवार परिवार की राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी समेत विमान में सवार चार अन्य लोग एक भीषण दुर्घटना के शिकार होकर असामयिक काल की गाल में समा गए.
उनके शव इस तरह जल गए थे कि पहचानना मुश्किल था. फ्लाइट डेटा के अनुसार, विमान मुंबई से रवाना होने के कुछ देर बाद सुबह करीब 7:56 बजे रडार पर दिखा. बारामती के पास पहुंचते समय, लैंडिंग के दौरान यह करीब 8:37 बजे एयरस्ट्रिप से लगभग 20 किलोमीटर दूर पहली बार रडार से गायब हुआ. ओपन-सोर्स फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 के आंकड़ों से पता चलता है कि विमान करीब दो मिनट बाद, 8:39 बजे फिर दिखाई दिया. विमान के फ्लाइट पाथ में कर्व्ड आर्क नजर आता है, जो गो-अराउंड मैनूवर का संकेत देता है.
गो-अराउंड मैनूवर का मतलब होता कि जब पायलट लैंडिंग का विचार छोड़कर दोबारा विमान को आसमान की ओर ले जाता है. इसके बाद विमान करीब 8:43 बजे अंतिम बार रडार पर दिखा और फिर गायब हो गया. आजतक द्वारा फ्लाइट पाथ और ऊंचाई के आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया कि बारामती के करीब आते समय विमान लगातार नीचे उतर रहा था.
करीब 8:39 बजे रडार पर दोबारा दिखने पर विमान की ऊंचाई बढ़ती दिखाई दी, जो दूसरी अप्रोच की कोशिश को दर्शाती है. विमान एक बार फिर से लैंडिंग के लिए नीचे की ओर आता दिखा और इसके बाद रडार से ओझल हो गया. कुछ देर बाद इसके दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आई, जिसमें अजित पवार, उनके पीएसओ विदिप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, पायलट-इंन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की मौत हो गई.
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