MP: फरिश्ता डॉक्टर! अस्पताल में ड्यूटी के बाद घर पर अकेले रहने वाले बुजुर्गों का कर रहे हैं इलाज

भोपाल के डॉक्टर यशवंत धवले, कोविड अस्पताल में ड्यूटी पूरी करने के बाद भोपाल में रहने वाले ऐसे बुजुर्ग जो घर पर अकेले रहते हैं उनका इलाज करते हैं.

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डॉक्टर यशवंत धवले और मरीज डॉक्टर यशवंत धवले और मरीज

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल ,
  • 08 मई 2021,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST
  • कोरोना मामले इतने हैं कि अस्पतालों में जगह नहीं
  • होम आइसोलेशन में रहने वालों को आ रही है दिक्कत
  • घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों का इलाज करते हैं डॉक्टर

कोरोना के इस अवसाद और तनाव भरे दौर में ऐसे कई लोग हैं जो असाधारण काम से अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. ऐसे ही एक शख्स हैं भोपाल के डॉक्टर यशवंत धवले जो कोविड अस्पताल में ड्यूटी पूरी करने के बाद भोपाल में रहने वाले ऐसे बुजुर्ग कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं जो घर पर अकेले रहते हैं. 

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डॉक्टर यशवंत धवले भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एनैस्थिसिया विभाग में पदस्थ हैं. इन दिनों भोपाल में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच सैंकड़ों कोरोना मरीज़ ऐसे हैं जो होम आइसोलेशन में हैं. इनमे से कई मरीज़ बुजुर्ग हैं जिनके बेटे या बेटी दूसरे शहरों या फिर विदेश में नौकरी कर रहे हैं.

डॉक्टर यशवंत भोपाल में अकेले रहने वाले ऐसे कोरोना पीड़ित बुजुर्गों का घर-घर जाकर इलाज कर रहे हैं. यशवंत का साथ उनके ही साथ काम करने वाले डॉक्टर आशीष बोहरे देते हैं. डॉक्टर यशवंत के मुताबिक वो बीते एक महीने में ऐसे करीब 80 बुजुर्गों का घर पर जाकर इलाज कर चुके हैं जिन्हें कोरोना होने के बाद होम आइसोलेशन में रखा गया था. 

डॉक्टर यशवंत धवले ने आजतक से बात करते हुए बताया ''मेरी ड्यूटी कोविड वार्ड में हैं जहां कई ऐसे बुजुर्ग मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे जो शुरुआत में तो होम आइसोलेशन में रहे लेकिन बाद में उनकी स्थिति गंभीर होती गयी और उन्हें इलाज के लिए फिर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. इसमे से कुछ बुजुर्ग ऐसे थे जिनके बच्चे शहर से बाहर या विदेशों में रहते हैं.

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डॉ धवले ने कहा कि इसके बाद ही मैंने तय किया कि अकेले रहने वाले बुजुर्ग कोरोना पीड़ितों का इलाज करूंगा और मैंने सोशल मीडिया के अलावा अपने दोस्तों को भी अपने नम्बर शेयर करने को कहा. इसके बाद मेरे पास फोन आने लगे जिसमे भोपाल से बाहर रहने वाले अपने बीमार माता और पिता को देखने और इलाज के लिए मदद मांगने लगे. मैं अब तक 80 ऐसे बुजुर्गों को ट्रीट कर चुका हूं'.

डॉक्टर यशवंत ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए वह करीब एक महीने से अपने घर पर भी नहीं गए हैं.

 

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