झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अचानक शहर के रिहायशी इलाके में घुस आया. स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया और कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए.
एजेंसी के अनुसार, वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि हाथी सुबह करीब 5 बजे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के पास देखा गया. इसके बाद यह हवाई नगर इलाके में घूमता रहा, जिससे आसपास के लोगों में डर फैल गया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित तरीके से शहर से बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए गए.
रांची के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) श्रीकांत वर्मा ने बताया कि हाथी संभवतः अपने सामान्य रास्ते से भटककर शहर में आ गया. उन्होंने कहा कि सुबह का समय होने और स्कूल खुलने के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और उसे बिना नुकसान पहुंचाए जंगल की ओर वापस भेजने की कोशिश कर रही है.
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अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में हाथियों का आना कोई नई बात नहीं है. अक्सर हाथी हल्हू वन क्षेत्र से निकलकर धुर्वा डैम तक पहुंच जाते हैं. हालांकि, इस बार हाथी का शहर के भीतर घुस आना लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है.
हाल ही में हेमंत सोरेन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है, जो गंभीर चिंता का विषय है.
हाथियों के हमलों में हो चुकी 27 लोगों की मौत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला और दुमका जैसे जिलों में हाल के महीनों में करीब 27 लोगों की मौत हाथियों के हमलों में हुई है. इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए ठोस और प्रभावी योजना तैयार की जाए.
फिलहाल वन विभाग की टीम स्थिति को नियंत्रण में लाने में जुटी हुई है. लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें और हाथी के पास जाने या उसे उकसाने से बचें.
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