ट्रैफिक जाम में फंसे जज, DGP, DC और SSP को कोर्ट में होना पड़ा हाजिर; कहा- सिर्फ नेता-मंत्री की सुरक्षा में लगी रहती है पुलिस

जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मौखिक रूप से कहा कि जब हाईकोर्ट के सिटिंग जज सीएम आवास के सामने जाम में फंस जाएं और निर्धारित स्थान पर पहुंचने में उन्हें कई घंटे लग जाएं, तो आम लोगों की क्या हालत होगी, यह समझा जा सकता है. 

Advertisement
(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सत्यजीत कुमार

  • रांची ,
  • 28 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST

झारखंड हाईकोर्ट ने ट्रैफिक जाम में जस्टिस के फंसने के बाद राज्य के डीजीपी, डीसी और एसएसपी को तलब कर लिया. मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. 

23 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के पास बीजेपी युवा मोर्चा की जनाक्रोश रैली के कारण हुए ट्रैफिक जाम में जस्टिस एसके द्विवेदी के फंस गए थे. इसके बाद अदालत ने डीजीपी अनुराग गुप्ता, डीसी राहुल सिन्हा और एसएसपी चंदन सिन्हा को 27 अगस्त के दिन तलब कर लिया.  

Advertisement

घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है. साथ ही डीजीपी को फटकार भी लगाई. कोर्ट ने कहा की सिर्फ मंत्री-विधायकों को ही पुलिस सुरक्षा दिलवाती है. 

जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए मौखिक रूप से कहा कि जब हाईकोर्ट के सिटिंग जज सीएम आवास के सामने जाम में फंस जाएं और निर्धारित स्थान पर पहुंचने में उन्हें कई घंटे लग जाएं, तो आम लोगों की क्या हालत होगी, यह समझा जा सकता है. 

न्यायाधीश ने कहा कि 23 अगस्त को हाईकोर्ट से लौटते समय जाम के कारण उन्हें सीएम के कांके रोड आवास के सामने रुकना पड़ा था. इस दौरान न्यायाधीश के पीएसओ ने ट्रैफिक एसपी समेत कई आला पुलिस अधिकारियों से मोबाइल पर संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.

Advertisement

इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से संपर्क किया जिसके बाद डीजीपी से बात हुई. डीजीपी के निर्देश के बाद जस्टिस को जाम से निकाला गया. इस दौरान वे आधे घंटे से ज्यादा समय तक जाम में फंसे रहे. 

डीजीपी ने कोर्ट से कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में कुछ चूक हुई है.कोर्ट ने उनसे पूछा कि जब रांची शहर में धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम होते हैं, तो हजारों लोगों को राजधानी में प्रवेश कैसे दिया जाता है? 

बता दें कि रांची में भाजपा युवा मोर्चा ने 23 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास से करीब दो किलोमीटर दूर मोरहाबादी मैदान में एक रैली आयोजित की थी. इस दौरान शहर में ट्रैफिक जाम हालात हो गए थे. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement