झारखंड में शादी की खुशियां मातम में बदल गई. लातेहार जिले में रविवार को ऐसा भीषण हादसा हुआ, जिसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. बारातियों से भरी एक बस ओरसा बंग्लादारा घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में पांच महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह दुर्घटना महुआडांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंग्लादारा घाटी में हुई. पुलिस के अनुसार, बस छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से लातेहार के महुआडांड़ में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी. बस में करीब 90 यात्री सवार थे.
घाटी में पलटी बारातियों की बस
लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि बस पलटने के तुरंत बाद पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें चार महिलाएं शामिल थीं. बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में दो और लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. उपमंडल पदाधिकारी (SDM) विपिन कुमार दुबे के मुताबिक, 60 घायल महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराए गए हैं, जबकि 20 से अधिक घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है. इनमें से 32 गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है.
32 लोगों की हालत गंभीर
मृतकों की पहचान रेशंती देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनामती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है. लातेहार अस्पताल में इलाज के दौरान मृत एक महिला की पहचान अभी की जा रही है.
बस चालक विकास पाठक ने दावा किया कि हादसा ब्रेक फेल होने की वजह से हुआ. उसने बताया कि उसने बस को रोकने के लिए हैंडब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण नहीं पाया और बस पलट गई.
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लातेहार के उपायुक्त को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
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