झारखंड: 67 हजार पारा शिक्षकों की सेवा नियमित करने की कवायद शुरू

झारखंड में हजारों पारा अध्यापक कई बार नियमितीकरण की अपनी मांगों को लेकर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं. अब उनकी मांगें पूरी होने वाली हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

सना जैदी / धरमबीर सिन्हा

  • रांची,
  • 14 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

झारखंड के विभिन्न सरकारी स्कूलों में अपनी सेवा दे रहे करीब 67 हजार पैरा टीचर्स की सेवा नियमित करने के लिए अब परीक्षा ली जाएगी. इस परीक्षा का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को सौंपी गई है.

इस सिलसिले में झारखंड सरकार और पैरा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के बीच आम सहमति बनी है. झारखंड के पैरा शिक्षक लंबे समय से सेवा नियमित करने समेत कई अन्य मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं.

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छतीसगढ़ मॉडल लागू करने की थी मांग

पैरा शिक्षकों की मांग थी कि उन्हें छत्तीसगढ़ मॉडल के तर्ज पर सीधे समायोजित किया जाए लेकिन सरकार द्वारा गठित कमिटी ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि बिना परीक्षा लिए सेवा नियमित नहीं की जा सकती है. इस हाई लेवल कमिटी की अध्यक्षता कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव के के खंडेलवाल कर रहे थे. इस कमिटी में वित्त सचिव, स्कूली शिक्षा सचिव और झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक भी शामिल थे. इस दौरान पैरा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष गठित करने पर भी सहमति बनी.

जेटेट (JTET) पास पारा शिक्षकों की होगी काउंसलिंग

झारखंड के ऐसे पैरा शिक्षक जिन्होंने जेटेट की परीक्षा पास की है, उनके लिए प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग होगी. झारखंड में अबतक 2013 और 2016 में जेटेट परीक्षा आयोजित की गई है. इनमें करीब 13 हजार पैरा शिक्षक सफल हुए हैं. साथ ही इस बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि जेटेट की वैद्यता पांच वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष करने की अनुशंसा की जाएगी. पैरा शिक्षकों का प्रतिनिधित्व कर रहे समिति ने पैरा शिक्षकों को प्री अप्रूवल बोर्ड सिफारिशों के अनुरूप वेतनमान दिए जाने का आग्रह भी किया.

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