झारखंड में हजारीबाग का चौपारण प्रखंड पिछले कई सालों से नशे के सौदागरों का स्वर्ग बना हुआ था. वन भूमि में स्थानीय लोगों की मदद से पंजाब और हरियाणा के व्यापारी यहां अफीम की खेती करवाते थे. अब हजारीबाग पुलिस ने यहां विशेष अभियान चलाकर अफीम के स्त्रोत पोस्ते के पौधे खत्म कर दिए हैं.
जंगली-पहाड़ी इलाके में चलाए गए इस अभियान में अब तक 400 एकड़ से ज्यादा पोस्ते की फसल को ट्रैक्टर चला कर खत्म किया गया. पहले भी यहां पुलिस की छिटपुट करवाई होती रही है, लेकिन उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता था और करोड़ों रुपये की अफीम यहां से बाहर भेज दिया जाता था.
पोस्ते को बर्बाद करने के लिए पहले पौधों की निशानदेही की जाती है. दूरदराज और जंगल क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा और अन्य कारणों से इसके लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जाती है. इसके बाद जंगल और पुलिस विभाग के लोग उसे पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं.
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400 एकड़ फसल खत्म, 300 एकड़ की निशानदेही
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने इस साल की शुरुआत में ही व्यापक पैमाने पर पोस्ते के पौधे खत्म करने की कवायद तेज की. पिछले 15 दिनों में 400 एकड़ से ज्यादा की फसल को बर्बाद किया गया है. अभी 300 एकड़ की फसल की निशानदेही की गई है, जिसे जल्द खत्म किया जाएगा
ये अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक इस पूरे क्षेत्र से अफीम की खेती का पूरी तरह खात्मा नहीं कर दिया जाता.
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आरोपियों को जेल भेज रही पुलिस
पुलिस NDPS के नए-पुराने सभी मामलों को खंगाल कर लगातार आरोपियों को पकड़कर जेल भेज रही है. आधा दर्जन सफेदपोश भी रडार पर हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है.
विस्मय अलंकार