झारखंड के हजारीबाग में रामनवमी उत्सव को लेकर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को लेकर आयोजकों में नाराजगी है. इससे तनाव जैसा माहौल हो गया है. बता दें कि पूर्व में पलामू में शिवरात्रि से पहले हिंसा का मामला सामने आया था.
प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि रामनवमी उत्सव के दौरान लाठी-डंडों के साथ कलाबाजी नहीं की जाएगी. इसके अलावा हथियारों का प्रदर्शन भी नहीं होगा. इस आदेश के बाद आयोजकों में आक्रोश है. 14 मार्च को आदेश के खिलाफ विरोध किया, जिसके बाद हजारीबाग के सदर पुलिस स्टेशन में 209 प्रदर्शनकारियों को ले जाया गया.
प्रशासन के आदेश से शहर में अखाड़ों के आयोजक नाराज हो गए. उन्होंने 14 मार्च को इस संबंध में विरोध किया, जिसके बाद हजारीबाग के सदर पुलिस स्टेशन में 209 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई.
हजारीबाग के बड़कागांव निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि प्रशासन तानाशाह की तरह काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को हिंदू त्योहारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए. अगर कुछ भी गड़बड़ी होती है तो इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा. केस दर्ज करना और हजारों लोगों को पकड़ना अव्यावहारिक है.
भाजपा विधायक बोले- ऐसे आदेशों से हमारी सांस्कृतिक विरासत नष्ट हो जाएगी.
भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि हिंदू धर्म और उसकी परंपराएं खतरे में हैं. सरकार के इस तरह के प्रयासों से हिंदू समुदाय की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत नष्ट हो जाएगी. मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकार के ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ लड़ेंगे, जिसका उद्देश्य हमारी परंपरा को खत्म करना है.
एसपी बोले- सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करें
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने इंडिया टुडे को बताया कि प्रशासन ने अपनी ओर से कोई कदम नहीं उठाया है. उन्होंने कहा कि लोगों से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की गाइडलाइन (एसओपी) का पालन करने के लिए कहा है.
एसपी ने कहा कि एसओपी स्पष्ट है कि रात 10 बजे के बाद डीजे की अनुमति नहीं दी जाएगी. जुलूस के दौरान किसी भी हथियार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हथियारों और रिकॉर्ड किए गए गीतों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है. कोर्ट के निर्देश न मानने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि झारखंड के हजारीबाग में मंगलवार से पहले जुलूस के साथ शुरू हुए रामनवमी समारोह के मद्देनजर 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाए गए हैं. स्थिति पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.
सत्यजीत कुमार